मनोरंजन
Manoj Bajpayee Birthday: जब मनोज बाजपेयी करना चाहते थे सुसाइड, खुद किया खुलासा…
हिंदी इंडस्ट्री के बहुत बढ़िया कलाकार माने जाने वाले अदाकार मनोज बाजपेयी आज यानी की 23 अप्रैल को अपना 56वां जन्मदिन इंकार रहे हैं. मनोज बाजपेयी ऐसे अदाकार हैं, जो भूमिका कैसा भी हो वह उसमें पूरी तरह से ढल जाते हैं. मनोज बाजपेयी ने मायानगरी में अपना बहुत बढ़िया चरित्र गढ़ा है. हालांकि अभिनय की दुनिया में आने का यात्रा आसान नहीं रहा है. तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर अदाकार मनोज बाजपेयी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…

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जन्म और परिवार
बिहार में 23 अप्रैल 1969 को मनोज बाजपेयी का जन्म हुआ था. भले ही वह बिहार के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखते थे, लेकिन बचपन से ही उन्होंने अभिनेता बनने का स्वप्न अपने दिल में बसा लिया था. हालांकि मनोज बाजपेयी के पिता चाहते थे कि मनोज चिकित्सक बने और इसके लिए वह दिन-रात उनको प्रोत्साहित करते थे.
अभिनेता मनोज बायपेयी जब दिल्ली आए थे, तो उस समय उनके पास पैसे नहीं थे. उनको केवल 300 रुपए में गुजारा करना पड़ता था. उनको घर से 150 रुपए मिलते थे, वहीं 150 रुपए वह नाटकों में एक्टिंग करके कमाते थे. लगातार 4 वर्ष की मेहनत के बाद भी नेशनल विद्यालय ऑफ ड्रामा में मनोज को एडमिशन नहीं मिला. इस तरह से उन्होंने अपनी जीवन से तंग आकर मनोज बायपेयी ने सुसाइड करने का मन बना लिया था. लेकिन वह अपने दोस्तों के समझाने पर सिनेमाघर करने लगे थे.
फिल्मी सफर
मनोज बायपेयी ने वर्ष 1994 से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की थी. उन्होंने शेखर कपूर की फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ से की थी. इस फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय सराहना मिली थी. इस फिल्म में अदाकार मनोज बायपेयी के एक्टिंग को बहुत सराहा गया था. लेकिन अदाकार को पहचान वर्ष 1998 में आई राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘सत्या’ से मिली थी. इस फिल्म के लिए अदाकार को सर्वश्रेष्ठ सह अदाकार का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था.
साल 2012 में आई फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ मनोज के करियर के लिए अहम फिल्म साबित हुई. इस फिल्म में वह सरदार खान की किरदार में दिखे थे. इस फिल्म के लिए अदाकार मनोज बायपेयी को समीक्षकों और दर्शकों दोनों की सराहना मिली थी.