निहार सचदेव ने पहना दुल्हन का लिबाज, ट्रोलर्स को दिया मुंह तोड़ जवाब
Neehar Sachdeva Viral Wedding: फैशन इन्फ्लुएंसर निहार सचदेवा की विवाह की फोटोज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. बिन बालों की इस दुल्हन को लाल जोड़े में देख कर लोग दंग हैं. अपनी विवाह में निहार सचदेवा ने इस तरह स्वयं को संवारा और समाज की उस सोच को झुठला दिया जो खूबसूरती को तय मापदंडों के हिसाब से परखती है. बिना विग पहने अपने ‘बाल्ड लुक’ में दुल्हन बनी इस लड़की के चेहरे पर जो आत्मविश्वास और खुशी थी उसने सभी का दिल जीत लिया. सोशल मीडिया पर लोग जमकर उनकी सराहना कर रहे हैं और विवाह के लिए उन्हें शुभकामना दे रहे हैं.

ब्राइडल लुक की हो रही तारीफ: निहार के इस लुक को देख जहाँ एक तरफ लोग आवक हैं वहीं उनके आत्मविश्वास को देख कर लोग उनकी सराहना भी कर रहे हैं. ट्रेडिशनल लाल जोड़े में निहार ने अपने गंजे सर पर मांग टीका भी पहना है. इतना ही नहीं निहार ने अपनी विवाह में उन लोगों को भी इनवाइट किया, जो कभी उनके गंजेपन का मज़ाक उड़ाते थे. निहार के इस कदम से उन्होंने साबित कर दिया कि किसी स्त्री का सबसे कीमती गहना उसका आत्मविश्वास है, ना कि रूप-रंग या कद-काठी.
अलग है निहार की कहानी : सिर के बाल किसी स्त्री की सुंदरता के लिए बहुत अर्थ रखते हैं. कवियों से लेकर शायरों तक ने महिला के खूबसूरत बालों की तारीफ़ में कितना कुछ लिखा है. लम्बे खूबसूरत घने बाल स्त्री की सुन्दरता के जरूरी मानकों में से एक माने जाते हैं और खूबसूरती को पूर्णता प्रदान करते हैं. ऐसे में यदि किसी लड़की को अपने बाल हमेशा के लिए खो देना पड़ें तो ये किसी के लिए भी भयावह हो सकता है.
किस रोग की वजह से नहीं हैं निहार के बाल : भारत में जन्मी और यूएस में रहने वाली निहार सचदेवा बचपन से ही एलोपेसिया से पीड़ित थीं. एलोपेसिया एरीटा एक आम ऑटोइम्यून रोग है जो सिर के छोटे, गोल क्षेत्रों में बालों के झड़ने का कारण बनती है. निहार सचदेवा में एलोपेसिया होने का पता तब चला था जब वह केवल छह महीने की थीं. इस स्थिति में शरीर के विभिन्न हिस्सों से बाल खोने लगते हैं जिनमें सिर के बाल भी शामिल होते हैं.
निहार का परिवार उनकी इस स्थिति को गुप्त रखना चाहता था इसलिए वे जब भी बाहर जाती थी, यहां तक कि विद्यालय जाते समय भी उन्हें विग पहननी होती थी. वर्षों तक उन्होंने अपनी इस स्थिति को छुपाया, लेकिन आखिरकार निहार ने अपना सिर मुंडवाने और इसका उत्सव मनाने का निर्णय किया. उन्होंने एक पार्टी आयोजित कर उन सभी लोगों को आमंत्रित किया जो उनके गंजेपन का मजाक उड़ाते थे. उनके इस जज़्बे को लोगों से बहुत सम्मान और समर्थन मिल

