नारीवाद पर दिए विवादित बयान पर नोरा फतेही ने मांगी माफी
नारीवाद के बारे में नोरा फतेही का पिछला बयान तब सुर्खियों में आया जब नेटिजन्स ने उनकी राय की आलोचना की. अभिनेत्री-मॉडल ने पहले परिवार की अवधारणा की वकालत की थी लेकिन अपने शब्दों का चयन ठीक से नहीं किया था. अपने डांस मूव्स के लिए चर्चित अदाकारा नोरा फतेही ने बोला था कि नारीवाद ने समाज में युवाओं का दिमाग खराब कर दिया है और दोनों लिंगों की पारंपरिकता और कामों को बिगाड़ कर रख दिया है. हालांकि, नोरा को अब अपनी गलती का अहसास हो गया है और उन्होंने अपनी टिप्पणी से किसी को ठेस पहुंचने पर माफी मांगी है.

नोरा फतेही ने अपने हालिया साक्षात्कार में उन लोगों से माफी मांगी जो उनकी टिप्पणियों से आहत हुए, और इस बात पर बल दिया कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था. नोरा ने अपने पिछले बयान का विस्तार करते हुए बोला कि आत्मनिर्भरता का पश्चिमी सांस्कृतिक मानदंड वैध है, लेकिन वह एकल परिवारों के महत्व की वकालत करती हैं जहां दोनों साथी अच्छी तरह से विकसित बच्चों की परवरिश में सहयोग करते हैं.
नोरा फतेही ने पिछले साक्षात्कार में लैंगिक समानता पर अपने विचार साझा किए, उन्होंने बोला कि वह नहीं मानती कि पुरुष और महिलाएं पूरी तरह से समान हैं. साथ ही पूर्ण स्वतंत्रता की धारणा की आलोचना की. अदाकारा ने बोला था, ‘मैं इस बकवास में विश्वास नहीं करती. वास्तव में, मुझे लगता है कि नारीवाद हमारे समाज को खराब कर रहा है.‘ उन्होंने बोला था कि उन्हें लगता है कि नारीवाद ने समाज पर नकारात्मक असर डाला है.
नोरा ने बोला था कि स्त्रियों को करियर और स्वतंत्रता का पीछा करना चाहिए, उन्हें लगता है कि एक संतुलन होना चाहिए, क्योंकि पोषण करना स्त्रियों के लिए एक स्वाभाविक किरदार है. उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ लोग इसे पुराने जमाने की बात मान सकते हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया था कि वह स्त्रियों के अधिकारों का समर्थन करती हैं, लेकिन उनका मानना है कि कट्टरपंथी नारीवाद समाज के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इस बीच, काम के मोर्चे पर नोरा फतेही को अंतिम बार कुणाल खेमू की फिल्म ‘मडगांव

