ऑस्कर से बस एक कदम दूर रह गई थी चूकी प्रियंका चोपड़ा की ‘अनुजा’…
सिनेमा जगत के दर्शकों की बेकरारी आज समाप्त हो गई है. 97वें एकेडमी अवॉर्ड्स का आगाज हो गया. एक-एक कर के सितारों से सजी ये सेरेमनी में विजेताओं के नाम का घोषणा किया जा रहा है. भारतीय समय के अनुसार इसे 3 मार्च यानी सोमवार को सुबह 5:30 बजे से लाइव प्रसारित करना प्रारम्भ कर दिया गया है. इस वर्ष कॉमेडियन और पॉडकास्टर कॉनन ओ ब्रायन ऑस्कर को होस्ट कर रहे हैं. गुनीत मोंगा और प्रियंका चोपड़ा जोनास के प्रोडक्शन में बनी इंडियन-अमेरिकन फिल्म ‘अनुजा’ भी ऑस्कर बेस्ट लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म के लिए नॉमिनेट हुई थी थी, लेकिन अब इस फिल्म के हाथ कुछ नहीं आया है.

प्रियंका की फिल्म के हाथ लगी हार
‘अनुजा’ को हराकर ‘आई एम नॉट अ रोबोट’ ने बेस्ट लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म का अवॉर्ड अपने नाम किया है. ‘अनुजा’ की काफी चर्चा थी और इसके काफी सराहा भी जा रहा था, लेकिन फिल्म के हाथ से अवॉर्ड निकल गया है. ‘अनुजा’ की हार ने हिंदुस्तानियों को भले ही निराश किया हो, लेकिन मेजबान के रूप में अपनी आरंभ करते हुए कॉनन ओ’ब्रायन ने भारतवासियों को खुश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. कॉनन ओ’ब्रायन लॉस एंजिल्स के डॉल्बी सिनेमाघर में आयोजित 97वें अकादमी पुरस्कार में भारतीय दर्शकों को सरप्राइज देते नजर आए.
भारतियों का इस तरह किया अभिवादन
अपनी मजाकिया और अपरंपरागत हास्य शैली के लिए जाने जाने वाले कॉनन ओ’ब्रायन ने अपनी छाप छोड़ने में कोई समय बर्बाद नहीं किया. उन्होंने शो अप्रत्याशित रूप से हिंदी में बात की. उन्होंने ऐसा कर के फैंस हैरत में डाल दिया. ओ’ब्रायन ने कहा, ‘लोगो को नमस्कार. वहां सुबह हो चुकी है तो मुझे आशा है कि आप करारे नाश्ते के साथ ऑस्कर देखेंगे.‘ कॉनन ओ’ब्रायन का ये अंदाज लोगों को भा गया और अब इसकी क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.
क्यों दूसरी भाषा में किया अभिवादन
वैसे कॉनन ओ’ब्रायन ने ऐसा क्यों किया? क्या हिंदी में बोलने के पीछे कोई खास वजह थी, चलिए आपको बताते हैं. दरअसल कॉनन ओ’ब्रायन ने केवल हिंदी ही नहीं बल्कि कई और भाषाओं जैसे चाइनीज, स्पैनिश और कई और भाषाओं में भी लोगों का अभिवादन किया. दरअसल इस शो को कई राष्ट्रों में लोग लाइव देखते हैं तो ऐसे में उन्हें जोड़े रखने के लिए कॉनन ओ’ब्रायन ने ऐसा किया था. कॉनन ओ’ब्रायन ने जिक्र भी किया और बोला कि कई राष्ट्रों में ये शो लाइव देखा जा रहा है. वैसे कॉनन की हिंदी कुछ ऐसी थी जिसे समझना थोड़ा कठिन था. फिलहाल उन्होंने सभी भाषाओं का पूरा सम्मान किया.

