मनोरंजन

थिएटर से रसिका ने शुरू किया था अपना एक्टिंग का सफ़र

यदि बात नाम की हो तो लोग उन्हें पहचानने से इनकार कर सकते हैं, लेकिन उनका चेहरा देखते ही प्रसिद्धि का संकेत मिल जाता है दरअसल उन्होंने अपनी अभिनय से ऐसी शख्सियत बनाई कि लोग उनके स्टाइल पर हंसने को विवश हो जाते हैं हम बात कर रहे हैं रसिका जोशी की, जिनकी आज जयंती है ऐसे में हम आपको रसिका की जीवन के कुछ पन्नों से रूबरू करा रहे हैंNewsexpress24. Com rasika joshi birth anniversary download 11

WhatsApp Group Join Now

12 सितंबर 1972 को एक मराठी ब्राह्मण परिवार में जन्मीं रसिका जोशी किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं उन्होंने सिनेमाघर से एक्टिंग की दुनिया में अपना यात्रा प्रारम्भ किया उनका पहला नाटक लता नार्वेकर का ऊंचा माझा जोका था, जिसमें उन्होंने अपने एक्टिंग से सभी को प्रभावित किया आपको जानकर आश्चर्य होगी कि रसिका ने लेखक और निर्देशक के तौर पर भी काम किया हैरसिका जोशी के करियर की बात करें तो फिल्म भूल भुलैया में उनके जानकी बुआ के भूमिका को शायद ही कोई भूल पाया होगा बहुत स्वाभाविक ढंग से डर दिखाने की अभिनय किसी को भी हंसा सकती है इस फिल्म में रसिका ने अपनी बेजोड़ अभिनय से सभी का दिल जीत लिया आपको बता दें कि रसिका ने बिल्लू बार्बर, गायब, वास्तुशास्त्र, जॉनी गद्दार, मालामाल वीकली, भूत अंकल, हड़कंप और एक हसीना थी आदि फिल्मों में काम किया थारसिका जोशी की एक्टिंग क्षमता छोटे पर्दे पर भी नजर आई उन्होंने गणमत जम्मत, हंसा चकत्फू, आनंदवन और प्रपंच आदि धारावाहिकों में काम करके अपनी एक्टिंग क्षमता साबित की इसके अलावा, उन्होंने बंदिनी धारावाहिक में मोतीबेन की किरदार निभाकर सभी का दिल जीता रसिका जब बंदिनी सीरियल में काम कर रही थीं तो उन्हें कैंसर की जानकारी मिली ऐसे में उपचार के लिए उन्होंने अभिनय की दुनिया से छुट्टी ले ली साथ ही उन्होंने अपना पूरा ध्यान अपने उपचार पर केंद्रित किया उन्होंने इस रोग पर काबू पाने की बहुत प्रयास की; 7 जुलाई 2011 को वह जीवन की जंग हार गईं और इस दुनिया को अलविदा कह गईं

Back to top button