पढ़िए सुकेश चंद्रशेखर का जैकलीन फर्नांडिस के लिए लिखा गया लेटर
200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मुद्दे में कारावास में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने फिर एक बार जैकलीन फर्नांडिस के लिए एक लव लेटर लिखाहै। लेटर में सुकेश ने कहा है कि उसने जीवन में पहली बार नवरात्रि में व्रत रखा है, वो भी केवल जैकलीन के लिए। साथ ही सुकेश का बोलना है कि जल्द ही वो दोनों साथ होंगे। लेटर में उन्होंने जैकलीन को शेरनी बोला है।

पढ़िए सुकेश चंद्रशेखर का जैकलीन फर्नांडिस के लिए लिखा गया लेटर-
बेबी, सबसे पहले बता दूं कि तुम दोहा शो में सुपर हॉट और खूबसूरत लग रही थीं। बेबी तुमसे खूबसूरत और कोई नहीं है, मेरी बोम्मा (जो सुकेश प्यार से जैकलीन को कहते हैं)। बेबी, नवरात्रि प्रारम्भ हो रही है। मैं जीवन में पहली बार तुम्हारी सलामती और हमारे आसपास की नेगेटिविटी दूर करने के लिए 9 दिनों का व्रत रखने वाला हूं। मां शक्ति के पवित्र हस्तक्षेप से सब कुछ हमारे फेवर में होगा। सच्चाई सामने आएगी। हम जल्द ही एक दूसरे के साथ होंगे। चाहे जो हो जाए हम हमेशा साथ रहेंगे, मेरी बेबी गर्ल।
बेबी, इस दुनिया का कोई भी पिंजरा मुझे तुम्हें प्यार करने से, तुम्हारी रक्षा करने से और तुम्हारे लिए खड़े रहने से नहीं रोक सकता। बेबी, मैं जानता हूं कि तुम मुझसे कितना प्यार करती हो और तुम ये भी जानती हो कि मैं केवल तुम्हारे लिए जीता हूं। मैं तुम्हारे लिए मारूंगा और तुम्हारे लिए मरूंगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय में की गई थी सुकेश के लेटर लिखने पर पाबंदी लगाने की मांग, खारिज
कुछ महीने पहले ही दिल्ली उच्च न्यायालय में निशांत कुमार नाम के एक शख्स ने अपील की थी कि सुकेश के कारावास से अदाकारा को खत लिखने पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए। याचिकाकर्ता के मुताबिक, सुकेश के कारावास से लिखे गए लेटर्स से एक्ट्रेसेस की इमेज खराब हो रही है। वो ये सब पब्लिसिटी पाने के लिए करता है। हालांकि न्यायालय ने इस याचिका को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने कहा- पब्लिसिटी पाने के लिए लगाई है याचिका
याचिकाकर्ता निशांत कुमार ने दिल्ली गवर्नमेंट और सूचना प्रसारण मंत्रालय पर भी कार्रवाई की मांग की थी। याचिकाकर्ता का इल्जाम था कि दोनों मिलकर अभिनेत्रियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं।
चीफ जस्टिस सतीश चंद्रा और जस्टिस संजीव नरूला ने तल्ख टिप्पणी करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा- ऐसा कुछ भी संज्ञान में नहीं है कि जिसे देखकर बोला जा सके कि दिल्ली गवर्नमेंट और सूचना प्रसारण मंत्रालय ने अभिनेत्रियों की छवि खराब करने के लिए कुछ भी गलत कदम उठाया हो। ऐसे आधारहीन इल्जाम केवल पब्लिसिटी पाने के लिए लगाए गए हैं।

