इस पर रिएक्शन देते हुए शर्मिला टैगोर ने कहा…
बॉलीवुड की कद्दावर अदाकारा शर्मिला टैगोर ने बीसीसीआई (BCCI) द्वारा पटौदी ट्रॉफी को रिटायर करने के कथित निर्णय पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. ये ट्रॉफी हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज के विजेता को दी जाती है. इस समाचार के बाद शर्मिला टैगोर ने अपनी चिंता जाहिर की, खासकर तब जब उनके बेटे सैफ अली खान को इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) से इस मुद्दे में एक ऑफिशियल लेटर मिला.

पटौदी ट्रॉफी को लेकर शर्मिला टैगोर का रिएक्शन
अब तक इस निर्णय पर बीसीसीआई और ईसीबी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन शर्मिला टैगोर इस समाचार से खासा दुखी हैं. उन्होंने कहा कि उनके बेटे सैफ अली खान को ईसीबी से एक पत्र मिला है, जिसमें ट्रॉफी को रिटायर किए जाने की बात कही गई है. इस पर रिएक्शन देते हुए शर्मिला टैगोर ने कहा, ‘मुझे इस बारे में बीसीसीआई से कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन ईसीबी ने सैफ को एक लेटर भेजा है. यदि बीसीसीआई पटौदी ट्रॉफी की विरासत को संजोना नहीं चाहता, तो ये उनका निर्णय है.’
पटौदी ट्रॉफी का इतिहास
पटौदी ट्रॉफी की आरंभ 2007 में हुई थी, जो हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच 1932 में खेले गए पहले टेस्ट मैच की याद में दी जाती है. ये ट्रॉफी हिंदुस्तान के महान क्रिकेटर और पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की विरासत को सम्मानित करने के लिए बनाई गई थी. क्रिकेट जगत में ‘टाइगर पटौदी’ के नाम से जाने जाने वाले मंसूर अली खान ने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई थी.
बीसीसीआई ने अब तक नहीं दिया कोई बयान
जब इस मुद्दे पर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. ईसीबी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘इस मुद्दे पर हमारे पास अभी कोई टिप्पणी नहीं है.’ वहीं, बीसीसीआई ने भी इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
पटौदी परिवार को लगा एक और झटका
ये पहली बार नहीं है जब पटौदी परिवार को इस वर्ष किसी बड़ी कठिन का सामना करना पड़ा है. इससे पहले 2025 की आरंभ में, सैफ अली खान अपने बांद्रा स्थित घर में एक हमले के शिकार हुए थे, जिसमें एक घुसपैठिए ने उन पर चाकू से धावा कर दिया था. इस घटना के बाद अब पटौदी ट्रॉफी के रिटायर किए जाने की समाचार ने परिवार को एक और झटका दिया है.
शर्मिला टैगोर-मंसूर अली खान पटौदी का सफर
शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान पटौदी की विवाह 27 दिसंबर 1968 को हुई थी. उनका ये रिश्ता 2011 में मंसूर अली खान पटौदी के मृत्यु तक बना रहा. उनके तीन बच्चे हैं—सैफ अली खान, सबा पटौदी और सोहा अली खान. सैफ और सोहा जहां मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री में सफल अभिनेता-अभिनेत्री हैं, वहीं सबा पटौदी ज्वेलरी डिजाइनर के रूप में कार्यरत हैं.
पटौदी ट्रॉफी की विरासत बच पाएगी?
पटौदी ट्रॉफी केवल एक खेल ट्रॉफी नहीं है, बल्कि ये भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक अहम हिस्सा है. मंसूर अली खान पटौदी का सहयोग भारतीय क्रिकेट में अमूल्य रहा है और इस ट्रॉफी के जरिए उनकी विरासत को संजोया जाता रहा है. अब ये देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और क्या इस ऐतिहासिक ट्रॉफी को बचाने के लिए कोई कदम उठाया जाएगा या नहीं.

