हेमा केमिटी की रिपोर्ट पर स्वरा भास्कर ने कहा…
मलयालम फिल्म इंडस्ट्री इस समय सुर्खियों में हैं। हेमा केमिटी की रिपोर्ट ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। कई गंभीर आरोपों का इंडस्ट्री सामना कर रही हैं। स्त्रियों के साथ होने वाले भेदभाव, यौन उत्पीड़न से लेकर छोटे कलाकारों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर ये रिपोर्ट बड़े खुलासे करती है। ये टकराव इतना बढ़ गया कि मलयालम मूवी-आर्टिस्ट एसोसिएशन (AMMA) भंग हो गई। मोहनलाल समेत 17 मेंबर्स ने त्याग-पत्र तक दे दिया। अब इस बढ़ते टकराव पर स्वरा भास्कर का रिएक्शन भी सामने आया है। जिनका दिल पसीज उठा है ऐसे भयावह मामलों को देखकर।

स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखा। जहां उन्होंने वुमन इन सिनेमा कलेक्टिव (WCC) की भी प्रशंसा की। जिन्होंने इंडस्ट्री में होने वाले गंभीर मुद्दों को उठाया। अदाकारा ने कहा, ‘क्या सभी भाषी इंडस्ट्री में ऐसी चीजों हो रही हैं? जब तक हम ऐसी सच्चाई को फेस नहीं करते तब तक विश्वास भी नहीं करते। सत्ता के मौजूदा लोगों द्वारा किए जाने वाले दुरुपयोग का खामियाजा कमजोर लोगों को भुगतना पड़ता है।‘
हेमा कमेटी रिपोर्ट पर स्वरा भास्कर
स्वरा भास्कर लिखती हैं, ‘मैंने हेमा कमेटी रिपोर्ट पढ़ी। WCC ने कमाल का काम किया है जिन्होंने अत्याचार और सेक्सुअल हैरासमेंट के विरुद्ध ये कदम उठाए। ये लोग हीरो हैं जिन्होंने बहुत बढ़िया काम किया। सम्मान करती हूं ऐसे हीरो का।‘
दिल दहला देने वाली रिपोर्ट
वह आगे लिखती हैं, ‘ये दिल दहला देने वाला है जो कमेटी ने सच्चाई बताई है। लेकिन निष्कर्ष तो और भी अधिक हृदयविदारक होगा। हो सकता है कि हर छोटी छोटी चीजों को शामिल न किया गया हो लेकिन एक मूल पिक्चर को ये रिपोर्ट साफ कर देती है। शोबिज हमेशा ही मेल सेंट्रिक इंडस्ट्री रहा है। सत्ता मर्दों के हाथ मं ही रही है।‘
‘शोबिज पेट्रियोटिक है’
स्वरा भास्कर का मानना है कि शोबिज केवल पेट्रियोटिक नहीं बल्कि इसकी चरित्र को भी दिखाती है। बड़े बड़े एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर कुछ भी करते हैं उन्हें स्वीकार कर लिया जाता है। उन्हें भगवान की तरह पूजा जाता है। यदि वह कुछ गलत करते हैं तो उनके आसपास के लोग बड़ा सामान्य सा बर्ताव दिखाते हैं और अपनी नजरें फेर लेते हैं। स्वरा भास्कर ने अपने पोस्ट में मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री का जिक्र बेशक न किया हो लेकिन उन्होंने इशारों ही इशारों में सभी इंडस्ट्री को घसीटा है।
चुप्पी को साधारण बना दिया है
‘तनु वेड्स मनु’ फ्रेंचाइजी, ‘निल बटे सन्नाटा’ और ‘वीरे दी वेडिंग’ जैसी फिल्मों के लिए फेमस स्वरा भास्कर ने ये भी बोला कि इंडस्ट्री में तो यौन उत्पीड़न को लेकर होने वाली खामोशी को एकदम सामान्य से बना दिया जाता है। कोई कुछ नहीं कहता है।

