विवेक रंजन अग्निहोत्री ने बढ़ाई अपनी सिक्योरिटी
विवेक रंजन अग्निहोत्री की अपकमिंग फिल्म द बंगाल फाइल्स विवादों में है. कोलकाता में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर जमकर हंगामा हुआ था, जिसके बाद डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपनी सिक्योरिटी बढ़ा दी है.

हाल ही में गलाटा प्लस को दिए साक्षात्कार में विवेक से पूछा गया था कि पहले धमकियां मिलने से आप सिक्योरिटी में रहते थे, अब इसकी स्थिति क्या है. इस पर डायरेक्टर ने कहा, नंबर (सिक्योरिटी के) बढ़ा दिए गए हैं. मेरे पास अभी भी सुरक्षा है, और शायद अब कोलकाता की घटना के बाद और भी ज्यादा.
आगे विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कोलकाता में हुए हंगामे पर बात की. उन्होंने बोला कि उनकी फिल्म द बंगाल फाइल्स डायरेक्ट एक्शन डे पर आधारित है, जो 16 अगस्त 1946 की कोलकाता में घटित घटना है. यही वजह रही कि उन्होंने 16 अगस्त को कोलकाता में ही फिल्म का ट्रेलर लॉन्च करने का निर्णय किया था.
वो उस समय UK में थे, तो उन्होंने वहीं से कोलकाता का एक मल्टीप्लेक्स बुक किया था. आमतौर पर ट्रेलर लॉन्च इवेंट सिनेमाघर में ही होते हैं. वो इस इवेंट के लिए UK से सीधे कोलकाता पहुंचे थे. यहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि मल्टीप्लेक्स ने ट्रेलर लॉन्च करने से इनकार कर दिया है और सियासी अशांति का हवाला दिया. इसके बाद उनकी टीम ने दूसरे मल्टीप्लेक्स में ट्रेलर लॉन्च करने के लिए बुकिंग की, लेकिन एक घंटे बाद हर स्थान से यही उत्तर मिला कि यदि ऐसा किया जाता है तो उनका कोलकाता में सर्वाइव करना कठिन होगा. इसके बाद उनकी टीम ने अगले दिन के लिए एक 5 स्टार होटल में सभी फॉर्मैलिटीज के बाद ट्रेलर लॉन्च इवेंट रखा. रातभर तैयार की गई, लेकिन जब मीडिया आने लगी तो वहां काफी पुलिस पहुंच गई.
200 मीडिया के लोगों के सामने जैसे ही उन्होंने ट्रेलर प्रारम्भ करना चाहा, वैसे ही होटल स्टाफ ने उनसे बोला कि उनके पास हाई एथॉरिटी से कॉल आया है कि आप यहां ट्रेलर नहीं दिखा सकते. इसके बावजूद जब विवेक ने ट्रेलर दिखाना चाहा तो एक पुलिसवाले ने केबल कट कर उन्हें रोक दिया. इसके बाद वहां कुछ अनजान लोगों की भीड़ पहुंच गई और भगदड़ के हालात बन गए.
विवेक रंजन अग्निहोत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की गवर्नमेंट ने ट्रेलर रिलीज में बाधा डाली, जबकि पुलिस का बोलना था कि विवेक ने इवेंट के लिए परमिशन नहीं ली थी. इसके बाद विवेक रंजन अग्निहोत्री के विरुद्ध कई शिकायतें दर्ज की गई थीं.

