जब शूटिंग के दौरान मरते-मरते बची थीं आयशा जुल्का…
बॉलीवुड में 90 के दशक में यूं तो कई हसीनाएं आईं, जिन्होंने एक से एक फिल्में की। लेकिन इसी दौर में एक हसीना ऐसी आई, जिसको पर्दे पर देखते ही मासूमियत जाग उठती थी। ये अदाकारा और कोई नहीं बल्कि आयशा जुल्का हैं। आयशा का नाम मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री की टॉप हीरोइनों में शुमार रहा है। उन्होंने आमिर खान के साथ ‘जो जीता वहीं सिकंदर’, मिथुन चक्रवर्ती के साथ फिल्म ‘दलाल’ में भी वो नजर आईं, जो खूब विवादों में रहीं। ‘मोस्ट कंट्रोवशियल न्यूकमर’ कही जाने वालीं आयशा जुल्का ने हाल ही में वो किस्सा याद किया, जब उनकी जान जाते-जाते बची।

90 के दशक की मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा सितारों में से एक आयशा जुल्का ने ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘खिलाड़ी’ और ‘वक्त हमारा है’ जैसी फिल्मों में अपनी अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। अपने गर्ल-नेक्स्ट-डोर आकर्षण और सहज स्क्रीन उपस्थिति के लिए जानी जाने वाली आयशा ने इंडस्ट्री में एक खास स्थान बनाई। अचानक से फिल्मों से दूर हुईं आयशा ने वर्ष 2022 में वेब सीरीज हश हश से वापसी की।
‘नहीं पढ़नी मुझे एबीसी’ गाने का चल रहा था शूट
आयशा ने हाल ही में मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री बबल से बात की और वो किस्सा याद किया, जब उनकी जान सलमान खान ने बाल बाल बचाई। आयशा जुल्का ने कहा कि कैसे सलमान खान ने उनकी जान बचाई। उन्होंने कहा, ‘नहीं क्या था, पहले कोई वॉकी-टॉकी तो होते नहीं थे। रुमाल दिखाओ वाला चलता था तो हम ट्रैक पर थे, हम फिल्म के गाने ‘नहीं पढ़नी मुझे एबीसी’। ये मस्ती मजाक वाला गाना था
इगतपुरी में रेलवे ट्रैक पर चल रहा था शूट
आयशा के मुताबिक, वो लोग इगतपुरी में रेलवे ट्रैक पर शूट कर रहे थे। उन्हें कहा गया था कि उस ट्रैक पर उस समय कोई ट्रेन नहीं आएगी। कैमरामैन ने कैमरा लगा दिया। मुझे ट्रैक पर डांस करना था और मुझसे पहले सलमान ट्रैक पर डांस कर रहे थे। मुझे ट्रैक पर डांस करना था और मुझसे पहले सलमान ट्रैक पर डांस कर रहे थे।’
सलमान ने ट्रेन की आवाज सुन मुझे खींचा
उन्होंने आगे बोला कि यह कोई सामान्य स्टेशन नहीं था तो वो माल की गाड़ियां जाती थीं। शूटिंग के लिए परमिशन लिए ली गई थी। हमारा गाना बहुत तेज आवाज में बज रहा था। हम बार-बार रिहर्सल कर रहे थे और अचानक, मुझे इतनी तेजी से खींचा गया कि लगा मेरे बॉडी के सारे पार्ट्स इधर-उधर हिल गए। सलमान ने ट्रेन की आवाज सुनी और मुझे खींच लिया। ‘
‘अबे तेरी जान बची है’
‘कुर्बान’ के सेट पर जिसने भी ये देखा, उन्होंने बोला ‘अबे तेरी जान बची है’ असल में समझ नहीं आ रहा था कि उस टाइम पर और मेरी बहुत बेवकूफी भरी आदत थी, मैं बिना किसी कारण के शख़्सियत रहती थी हर चीज पर। कुछ देर तक तो मुझे समझ नहीं आया कि क्या हुआ? वह (सलमान खान) यूनिट के लोगों पर चिल्ला रहे थे। वह ट्रैक पर हो सकते थे, क्योंकि वह मुझसे पहले शॉट दे रहे थे।
इंटरव्यू होते थे लेकिन कहानियां बन जाती थी
अपने करियर के पीक के दौरान होने वाली मीडिया वार्ता के बारे में बात करते हुए, आयशा जुल्का ने कहा, ‘तब साक्षात्कार हुआ करते थे मगर कुछ भी कहानियां बन जाती थी। इनके साथ अफेयर था या कुछ… तो आधा समय था तो हमारी सफाई में बोला गया था कि न्यायधीश साहब मैं बेगुनाह हूं। उन्होंने कहा कि एक बार तो सेट पर एक पत्रकार आकर बैठ गए थे। तो हम 2-3 कलाकार थे, जानकर बहुत सारी मजेदार चीजें भी करते थे। अदाकारा ने बोला कि एक बार मुझे याद है कि एक मैग्जीन ने का टाइटल था, ‘मोस्ट कंट्रोवशियल न्यूकमर,’ तो ये सब बोला से आता था ये बहुत बड़ा राज है।
मां ने कभी नहीं छोड़ा अकेले
90 के दौर में अदाकारा की प्राइवेट लाफइ भी टैब्लॉइड और मैग्जींस के फेवरेट टॉपिक्स में से एक थी। अदाकारा की डेटिंग रूमर्स से लेकर इंडस्ट्री में ‘मोस्ट कंट्रोवशियल न्यूकमर’ तक का टैग दिया गया। इसी साक्षात्कार में उन्होंने को-स्टार्स के साथ डेटिंग के बारे में चल रही खबरों के बारे में हुए प्रश्न पर उत्तर देते हुए कहा, ‘पहली बात मैं आपको बताऊंगी, मेरी मां ने कभी भी मुझे अकेला नहीं छोड़ा, मैं कभी भी सेट पर अकेली नहीं गई। ऐसा कभी नहीं हुआ कि मुझे अकेला छोड़ दिया जाए क्योंकि वे हमेशा जानते थे कि क्या ठीक है और क्या नहीं।’
4 भिन्न-भिन्न अफेयर्स पर तोड़ी चुप्पी
लिंक-अप की अफवाहों का उन पर और उनके परिवार पर क्या असर पड़ा? इस प्रश्न के उत्तर में आयशा ने कहा, ‘इससे उन्हें अधिक हानि नहीं होगा, लेकिन मुझे दुख हुआ, यार कुछ हुआ ही नहीं तो क्यों लिख रहे हो’। उन्होंने बोला कि शूटिंग के बीच और उसके बाद कलाकारों द्वारा की गई मौज-मस्ती के बारे में रिपोर्टिंग करना छोड़ दिया। आयशा ने कहा, ‘आप हमारे द्वारा बिताए गए मज़ेदार समय के बारे में क्यों नहीं लिखते?’ उस समय के बारे में बात करते हुए जब मीडिया में उनके एक ही समय में कई सितारों के साथ डेटिंग करने की खबरें आईं, यानी उनके कई अफेयर्स हैं। इस पर भी आयशा जुल्का ने खामोशी तोड़ी। उन्होंने कहा, ‘एक टाइम पर आपके कितने अफेयर्स हो सकते हैं ? मतलब ह्यूमनली कितने पॉसिबल है यार? समझो, 8-10 फिल्में एक साथ कर रहे हैं, ये सेट पर जा रहे हैं या वो सेट पर जा रहे हैं… एक टाइम पेर तो | उन्होंने बोला कि मेरे पास वो आर्टिकल पड़ा भी है कहीं, एक महीने में 4 सेट पर, 4 भिन्न-भिन्न हीरो के साथ मुझे लिंक किया था, ‘वाह यार, मतलब, बहुत अधिक डिमांड।’ मतलब कब, कैसे, एक टाइम पर कितने लोगों के साथ…’
नहीं होती थी कोई प्राइवेसी
आयशा ने आगे कहा, ‘प्राइवेसी कुछ नहीं थी, मुझे नहीं पता कि अब कैसे होता है, पर उस समय पे कुछ प्राइवेसी नहीं होती थी, वैन कुछ नहीं थी, रूम नहीं होता था, लेकिन फिर आप बस इसे अपने ढंग से लेना सीख जाते हैं और आप इसके बारे में हंसना प्रारम्भ कर देते हैं।’
ये बहुत शर्मनाक होता है
एक्ट्रेस ने कहा, ‘अभी भी मेरे वास्तविक जीवन में, मेरे और भी मेल फ्रेड्स हैं। फिर वो पहले की जीवन में… केवल इसलिए कि वे लोग जाने-पहचाने चेहरे नहीं हैं… मुझे समझ नहीं आता, मतलब ठीक है, समय बदल गया है।’ उन्होंने आगे बोला कि अभी न मुझे किसी ने बोला ‘आपके इनके, इनके, इनके साथ अफेयर्स थे’ और मैंने बोला नाम बताओ और उन्होंने कहा, ‘मिथुन’, मतलब कहीं तो कुछ सोच के बोलो मतलब वो मेरे डबल सीनियर है। कभी-कभी यह बहुत शर्मनाक होता है कि आप किसी को किसी के साथ जोड़ रहे हैं…’
मोस्ट कंट्रोवशियल न्यूकमर’ का मिला टैग
अपने करियर के पीक के दौरान होने वाली मीडिया वार्ता के बारे में बात करते हुए, आयशा जुल्का ने कहा, ‘तब साक्षात्कार हुआ करते थे मगर कुछ भी कहानियां बन जाती थी। इनके साथ अफेयर था या कुछ… तो आधा समय था तो हमारी सफाई में बोला गया था कि न्यायधीश साहब मैं बेगुनाह हूं। उन्होंने कहा कि एक बार तो सेट पर एक पत्रकार आकर बैठ गए थे। तो हम 2-3 कलाकार थे, जानकर बहुत सारी मजेदार चीजें भी करते थे। अदाकारा ने बोला कि एक बार मुझे याद है कि एक मैग्जीन ने का टाइटल था, ‘मोस्ट कंट्रोवशियल न्यूकमर,’ तो ये सब बोला से आता था ये बहुत बड़ा राज है।

