अस्थमा-ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों के लिए रामबाण इलाज है ये योगा
प्राणायाम (Pranayama Benefits) संस्कृत का शब्द है, जो दो शब्दों के मेल से बना है। प्राण का मतलब सांस और आयाम का मतलब नियंत्रण। इन दिनों शब्दों के मेल से बनता है प्राणायाम। अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्राणायाम को जीवन में शामिल करना जरूरी है। वहीं प्राणायाम हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है, साथ ही कई सारे शारीरिक रोगों से भी राहत पहुंचाता है। वार्ता में उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित साधक योगशाला के योगा ट्रेनर गोकुल बिष्ट बताते हैं कि प्राणायाम एक विधि है, जिसमें हम प्राणों का आयाम बढ़ाते हैं। इसकी सहायता से हमारे प्राणों में नियंत्रण बढ़ता है, जिससे हमें शारीरिक के साथ ही मानसिक फायदा मिलता है। योग ग्रंथों के मुताबिक प्राणायाम की व्याख्या योग आसनों के बाद की जाती है।

प्राणायाम करने का ठीक समय
गोकुल बताते हैं कि योग ग्रंथों के मुताबिक प्राणायाम को सुबह और शाम के समय किया जा सकता है क्योंकि उस समय हमारे प्राणों का स्तर ऊपर होता है। वहीं सुबह के समय प्राणायाम करने से अधिक फायदा मिलता है। साथ ही इसे योगासन के बाद करना चाहिए।
प्राणायाम के फायदे
वह आगे बताते हैं कि प्राणायाम करने के अनेक फायदा हैं। मुख्य रूप से यह हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। साथ ही हर प्राणायाम के भिन्न-भिन्न लाभ होते हैं। प्राणायाम हमारे फेफड़ों को मजबूत बनाता है, जिससे अस्थमा और सांस लेने में परेशानी आदि नहीं होती। इसे करने से हार्मोन्स बैलेंस रहते हैं और तनाव भी कम होता है और पाचन शक्ति दुरुस्त हो जाती है। वहीं अस्थमा, ब्लड प्रेशर और शुगर के रोगियों के लिए प्राणायाम रामबाण उपचार है।

