स्वास्थ्य

खून की नलियों में सूजन बढ़ाते है मलेरिया के परजीवी

मलेरिया, मादा एनाफिलिज मच्छरों के काटने से होने वाली रोग है. इसमें समय पर उपचार नहीं मिलने पर रोगी की जान भी जा सकती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हर साल विश्व में 24 और हिंदुस्तान में 1.5 करोड़ मलेरिया के बीमार होते हैं. साल 2020 में विश्वभर में मलेरिया से करीब 6.27 लाख लोगों की मौत मलेरिया के कारण से हुई थी.

संभावित लक्षण
तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, ठंड-कंपकंपी, थोड़ी-थोड़ी देर पर प्यास लगना, हाथ-पैरों में ऐंठन, लंबे समय तक परेशानी रहने पर शरीर में खून की कमी, बेचैनी, मांसपेशियों में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं.

Newsexpress24. Com malaria parasites increase inflammation in blood vessels patrika news download 27 11zon 1

WhatsApp Group Join Now

खून की नलियों में सूजन से बढ़ती है दिक्कत- मलेरिया के परजीवी से खून की नलियों में सूजन होती है, जिससे शरीर के महत्त्वपूर्ण अंग जैसे फेफड़े, लिवर, हार्ट और किडनी को पर्याप्त खून नहीं मिलता है. इन अंगों के फेल होने की संभावना बढ़ जाती है. ब्लड शुगर लेवल कम हो जाता है और अचानक से शरीर की इम्युनिटी भी कमजोर होने लगती है.

क्या खाएं रोग में
हल्की-सुपाच्य चीजें जैसे सेब, दलिया, खिचड़ी, साबूदाना आदि खाने चाहिए. इसमें अमरूद और तुलसी-कालीमिर्च का काढ़ा पीने से भी आराम मिलता है.

इन बातों का रखें ध्यान
ठंडा पानी पीने या ठंडे पानी से नहाने से बचें. खट्टे फल, खट्टी चीजें, जूस, दही, चावल, मूली और मिर्च-मसाले या अम्ल रस से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें.

बचाव के तरीके

मलेरिया की कोई वैक्सीन नहीं है, इसलिए सावधानी बरतें. घर के आसपास सफाई रखें, ताकि मच्छर नहीं पनपें. मच्छरदानी लगाएं. बारिश में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें. लक्षणों की अनदेखी न करें.

कब दिखते हैं इसके लक्षण
मच्छर के काटने के 7-30 दिन के भीतर लक्षण दिखते हैं. जिन्हें पहले इसका संक्रमण हो चुका, उनमें दोबारा से होने पर लक्षण देरी से दिखते हैं.

Back to top button