प्रेगनेंसी के दौरान बेंजोडायजेपाइन का सेवन महिलाओं के लिये होगा खतरा
प्रेगनेंसी के दौरान स्त्रियों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना है। इनमें चिंता और नींद नहीं आने की परेशानी शामिल है। ये बहुत ही आम परेशानी है, जो प्रेगनेंसी के दौरान लगभग सभी स्त्रियों को परेशान करती है। इन दोनों समस्याओं से राहत के लिए चिकित्सक स्त्रियों को ‘बेंजोडायजेपाइन’ नाम की दवा का इस्तेमाल करने की राय देते हैं। हाल ही में हुए एक शोध में ‘बेंजोडायजेपाइन’ दवा के नकारात्मक प्रभावों के बारे में पता चला है। शोध के अनुसार, प्रेगनेंसी के दौरान ‘बेंजोडायजेपाइन’ का सेवन करने से स्त्रियों में गर्भपात का जोखिम बढ़ जाता है।
नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं और सहकर्मियों ने ताइवान में एक राष्ट्रव्यापी जनसंख्या आधारित मुकदमा टाइम कंट्रोल शोध किया। शोधकर्ताओं ने इस शोध में, गर्भावस्था के दौरान बेंजोडायजेपाइन के इस्तेमाल से जुड़े गर्भपात के जोखिम को निर्धारित किया। JAMA Psychiatry जर्नल में प्रकाशित शोध में 19 लाख से अधिक स्त्रियों को शामिल किया, जो 30 लाख से अधिक बार प्रेगनेंट हो चुकी थी। शोध में पाया गया कि 30 लाख में से 4.4 फीसदी गर्भधारण का रिज़ल्ट गर्भपात हुआ।
शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्भावस्था के दौरान बेंजोडायजेपाइन के इस्तेमाल से गर्भपात का खतरा बढ़ गया था। शोध के लेखकों ने कहा, ‘इस शोध में हमने पाया कि गर्भावस्था के दौरान बेंजोडायजेपाइन का इस्तेमाल करने से स्त्रियों में गर्भपात का खतरा बढ़ गया। ये निष्कर्ष स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के लिए गर्भावस्था के दौरान मनोरोग और नींद संबंधी विकारों के उपचार के लिए बेंजोडायजेपाइन के इस्तेमाल पर विचार करते समय जोखिम-लाभ अनुपात को सावधानीपूर्वक संतुलित करने की जरूरत को रेखांकित करते हैं।’

