ये दवाई डायबिटीज पर लगा देगा ब्रेक, सुबह के समय खाली पेट इसका करें सेवन
हमारे राष्ट्र में लोग पुरातन काल से ही गंभीर से गंभीर रोगों के इलाज के लिए विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग करते रहे हैं। खेत खलियान जंगलों में पाई जाने वाली यह औषधियां हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होती हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही औषधीय पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी छाल से लेकर पत्तियां तक औषधि गुणों से भरपूर होती है। लेकिन इसका नाम सुनते ही लोगों के मन में कड़वाहट की अनुभूति होने लगती है। खासकर युवा पीढ़ी तो इसे एकदम पसंद नहीं करती लेकिन बड़े बुजुर्ग इसकी दातुन का प्रयोग करने के साथ ही सुबह के समय खाली पेट इसकी पत्तियों का सेवन खूब करते है।

दरअसल, हम बात कर रहे हैं नीम के पेड़ की छाल और पत्तियों के बारे में जिसका स्वाद जितना कड़वा होता है उतना ही गुणकारी भी होता है। यही कारण है कि भारतीय वेदों में नीम का नाम सर्व बीमारी निवारणी रखा गया है। जिसका अर्थ सभी रोंगों को रोकने वाला है। इसके अतिरिक्त नीम का पेड़ आसपास होने से वातावरण भी सही रहता है। इसकी सबसे बड़ी बात है कि इस पेड़ की पत्तियां टहनियां छाल और बीज भी कई रोंगों को दूर करने में दवा का काम करते हैं। वहीं आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार आयुर्वेद में इसका प्रयोग कई रोंगों के इलाज के लिए किया जाता है।
पेड़ की पत्तियों से लेकर छाल और बीज भी है गुणकारी
रायबरेली के सीएचसी शिवगढ़ की आयुर्वेदिक डॉक्टर डाक्टर आकांक्षा दीक्षित ने कहा नीम का स्वाद जितना कड़वा होता है उतना ही गुणकारी होता है। यह एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर हमारी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभ वाला होती है। नीम में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त यह विटामिन सी का भी अच्छा साधन है। इसका इस्तेमाल करने से हमारे शरीर का खून साफ रहता है। ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रहता है। इसका नियमित सेवन करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। नीम की पत्तियों का सेवन करने से हमारा पाचन तंत्र ठीक रहता है। साथ ही इसकी छाल जख्म में लगाने से वह शीघ्र से ठीक हो जाता है ।खाली पेट नीम की पत्तियों का सेवन करने से डायबिटीज भी कंट्रोल रहता है।

