सिर्फ शराबियों का लीवर ही नहीं होता है खराब, इन अन्य लोगों को भी होता है खतरा…
Liver Damage Causes Beyond Alcohol: जब भी हम लिवर डैमेज के बारे में सोचते हैं, तो शराब अक्सर वो पहला अपराधी होता है जो हमारे जेहन में आता है। हालांकि, कई दूसरे फैक्टर चुपचाप आपके लिवर को हानि पहुंचा सकते हैं। इनमें अक्सर नजर आने वाले लक्षण तब तक महसूस नहीं होते, जब तक अधिक हानि न हो जाए। आइए डाक्टर समीर भाटी (Dr. Sameer Bhati) से उन कम बदनाम फैक्टर्स के बारे में जानते हैं जो हमारे लिवर को हानि पहुंचा सकते हैं।

लिवर डैमेज होने की वजह
1. अनहेल्दी डाइट और मोटापा (Unhealthy Diet and Obesity)
हद से अधिक प्रोसेस्ड फूड्स, शुगर ड्रिंक्स और हाई फैट फूड का अधिक सेवन नॉन-अल्कोहल फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का कारण बन सकता है। ये स्थिति लिवर में फैट के निर्माण का कारण बनती है, जो समय के साथ सूजन और यहां तक कि सिरोसिस (Cirrhosis) को भी बढ़ा सकती है। मोटापे में इजाफे के साथ, एनएएफएलडी सबसे कॉमन लिवर डिसऑर्डर्स में से एक बनता जा रहा है।
2. वायरल हेपेटाइटिस (Viral Hepatitis)
हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी इंफेक्शंस पूरे विश्व में क्रोनिक लिवर डिजीज के अहम कारण हैं। ये वायरल संक्रमण अक्सर वर्षों तक अनकंट्रोल्ड रहते हैं, जिससे साइलेंट डैमेज होता है। वैक्सीनेशन (हेपेटाइटिस बी के लिए), रेगुलर टेस्ट और सेफ प्रैक्टिस जैसे कि स्टेरलाइज्ड नीडल का यूज और सुरक्षित यौन संबंध इन इंफेक्शंस को रोकने में सहायता कर सकते हैं।
3. दवाओं और पेनकिलर्स का अधिक यूज (Extreme use of Painkillers and Medicines)
पैरासिटामोल (एसिटामिनोफेन) जैसी ओवर-द-काउंटर पेनकिलर्स का लगातार इस्तेमाल लिवर के लिए हानिकारक हो सकता है, खासकर जब हाई डोज में लिया जाए या शराब के साथ मिलाया जाए। कुछ हर्बल सप्लीमेंट्स और हद से अधिक विटामिन ए का सेवन भी लिवर टॉक्सिसिटी में सहयोग कर सकता है। लंबे समय तक दवा का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा चिकित्सक से राय लें।
4. टॉक्सिंस और पॉल्यूटेंट्स का संपर्क (In contact with toxins and pollutants)
इंडस्ट्रियल केमिकल्स, कीटनाशक और यहां तक कि घरेलू क्लीनिंग प्रोडक्ट्स में ऐसे टॉक्सिंस होते हैं, जिन्हें सांस लेने या त्वचा के जरिए एब्जॉर्ब करने से लिवर पर बोझ पड़ सकता है। नुकसानदायक रसायनों के संपर्क को कम करने और जैविक उपज का चयन करने से जोखिम कम हो सकता है।
अपने लिवर को कैसे रखें सेफ?
1. ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज के साथ संतुलित आहार लें।
2. हेल्दी वेट मेंटेन रखने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज करें।
3. दवा के दुरुपयोग को सीमित करें और सेल्फ मेडिकेशन से बचें।
4. हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन लगवाएं
5. संक्रमण से बचने के लिए नीडल्स और रेजर को शेयर करने से बचें।
6. शरीर में पानी की कमी न होने दें और शराब से पूरी तरह तौबा करें।

