दशमूल क्वाथ के सेवन से इन सभी समस्याओं का किया जा सकता है समाधान
कोरबा: आजकल की जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या का स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है, जिसकी वजह से लोग कई तरह की रोंगों से पीड़ित होते जा रहे हैं। वहीं स्त्रियों और युवतियों में अनियमित मासिक धर्म, पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), और हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण कई समस्याएं देखी जा रही हैं। इन समस्याओं से परेशान महिलाएं अक्सर चिंता में रहती हैं, लेकिन आपको चिंता करने की जरा भी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आयुर्वेद में स्त्रियों से संबंधित इन सभी समस्याओं का कारगर इलाज उपस्थित है। इस बारे में छत्तीसगढ़ के मशहूर नाड़ी वैद्य डाक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा का बोलना है कि दशमूल क्वाथ के सेवन से इन सभी समस्याओं का निवारण किया जा सकता है।

दशमूल क्वाथ की विशेषता
डॉ। शर्मा ने दशमूल क्वाथ की खासियत पर प्रकाश डालते हुए बताया, कि यह 10 प्रकार की जड़ी-बूटियों के मिश्रण से बनाया जाता है। इसमें गोखरू, बेल, कंटकारी, श्योनाका, अग्निमंथ, पिठवन, पाटला, गम्भारी, शलपर्णी और बृहती को मिलाकर विशेष विधि से चूर्ण तैयार किया जाता है।
दशमूल क्वाथ के फायदे
महिलाओं में होने वाली हार्मोनल डिसऑर्डर समस्याओं के साथ-साथ दशमूल क्वाथ गाउटी आर्थराइटिस, रुमेटीइड आर्थराइटिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने में भी कारगर है। इसके अलावा, यह पेट के ट्यूमर, सूजन, पेट फूलना, पीठ के निचले हिस्से में दर्द और श्रोणि और त्रिक क्षेत्रों में सूजन के उपचार में भी सहायक है।
सेवन विधि
डॉ। नागेंद्र शर्मा के अनुसार, आयुर्वेद में बीमार को देखकर उसकी पर्सनल चिकित्सा की जाती है। इसलिए, भिन्न-भिन्न मामलों में क्वाथ की सेवन मात्रा भिन्न-भिन्न हो सकती है। वे कहते हैं, कि दशमूल क्वाथ का सेवन आयुर्वेदिक डॉक्टर के बताए मुताबिक ही करना चाहिए। डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा के मुताबिक चूर्ण को पानी में उबालकर, छानकर और ठंडा होने पर पीना चाहिए।
इस बात का रखें विशेष ध्यान
चिकित्सक के मुताबिक दशमूल क्वाथ एक ताकतवर आयुर्वेदिक औषधि है, इसलिए इसका सेवन हमेशा किसी योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर की राय के बाद ही करना चाहिए। अपनी मर्जी से इसका सेवन करने से बचें। वे बताते हैं, कि दशमूल क्वाथ स्त्रियों के लिए एक आशाजनक आयुर्वेदिक विकल्प है,जो महिलाएं हार्मोनल असंतुलन और पीसीओडी जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं, वे ठीक मार्गदर्शन और उचित सेवन विधि के साथ इस क्वाथ का सेवन करके अपने स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा दे सकती हैं।

