बर्ड फ्लू. विशेषज्ञों ने बर्ड फ्लू महामारी के संभावित खतरे को लेकर दी चेतावनी
दुनिया अभी भी कोविड-19 महामारी से उबरने की प्रयास कर रही है, लेकिन वैज्ञानिकों ने एक और खतरे की घंटी बजाई है- बर्ड फ्लू। जानकारों ने बर्ड फ्लू महामारी के संभावित खतरे को लेकर चेतावनी दी है। उनका बोलना है कि यह कोविड-19 वायरस से 100 गुना अधिक घातक हो सकता है और इससे संक्रमित होने वालों में से आधे लोगों की मृत्यु भी हो सकती है। हाल ही में हुई एक ब्रीफिंग के दौरान शोधकर्ताओं ने एच5एन1 स्ट्रेन वाले बर्ड फ्लू पर चर्चा की थी।
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने संभावना जताई है कि यह वायरस एक जरूरी सीमा पार कर सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय महामारी फैल सकती है। ब्रीफिंग के दौरान, पिट्सबर्ग के जाने-माने बर्ड फ्लू शोधकर्ता डाक्टर सुरेश कुचिपुडी ने चेतावनी दी कि एच5एन1 में महामारी फैलाने की क्षमता है। यह इंसानों सहित कई स्तनधारियों को संक्रमित कर सकता है। उन्होंने बोला कि हम इस वायरस के घातक रूप से करीब पहुंच रहे हैं, जो संभावित रूप से महामारी का कारण बन सकता है।
बेहद घातक है वायरस
उन्होंने आगे बोला कि हम वास्तव में उस वायरस के बारे में बात नहीं कर रहे हैं जिसने अभी तक मानव शरीर में संक्रमण नहीं किया है। बल्कि हम उस वायरस के बारे में बात कर रहे हैं जो पहले से ही पूरे विश्व में उपस्थित है, पहले से ही कई स्तनधारियों को संक्रमित कर चुका है और लगातार फैल रहा है। यह समय है कि हम इससे लड़ने के लिए तैयार हो जाएं।
कनाडा की दवा कंपनी बायोनायग्रा के संस्थापक जॉन फुल्टन ने भी एच5एन1 महामारी की गंभीरता पर बल दिया। उन्होंने बोला कि यह कोविड-19 से कहीं अधिक घातक हो सकता है। उन्होंने बोला कि यह कोविड-19 से काफी अधिक घातक हो सकता है और यदि इसमें म्यूटेशन होता है तो इसकी मौत रेट अधिक रहती है। एक बार यह इंसानों को संक्रमित करने के लिए बदल जाता है, तो हम सिर्फ़ यही आशा कर सकते हैं कि मौत रेट कम हो जाए।
WHO की रिपोर्ट डराने वाली!
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2003 से अब तक एच5एन1 बर्ड फ्लू से संक्रमित हर 100 लोगों में से 52 की मृत्यु हो चुकी है। कुल मिलाकर, 887 मामलों में से 462 लोगों की मृत्यु हुई है। इसकी तुलना में, Covid-19 की वर्तमान मौत रेट 0.1 फीसदी से भी कम है। हालांकि, महामारी की आरंभ में यह रेट लगभग 20 फीसदी थी।
चिंता की एक वजह यह भी है कि कुछ दिनों पहले अमेरिका में मिशिगन के एक पोल्ट्री फार्म और टेक्सास के एक अंडा उत्पादक में एवियन फ्लू का प्रकोप सामने आया है। इसके अलावा, संक्रमित डेयरी गायों और एक आदमी में स्तनपायी से बर्ड फ्लू के संक्रमण का पहला मुद्दा भी सामने आया है। अमेरिका के बीमारी नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) ने टेक्सास के एक डेयरी फार्म के कर्मचारी में एच5एन1 संक्रमण की पुष्टि की है, जिसके बाद व्हाइट हाउस ने इस पर कड़ी नज़र प्रारम्भ कर दी है।
मवेशी से आदमी में बर्ड फ्लू के संक्रमण पहला केस
यह पहला मुद्दा है जब किसी आदमी में डेयरी मवेशी से बर्ड फ्लू का संक्रमण हुआ है। इससे पहले 2022 में कोलोराडो में एक मुद्दे में सीधे मुर्गियों के संपर्क और बाद में पक्षियों की कलई के बाद एक आदमी का बर्ड फ्लू टेस्ट पॉजिटिव आया था। यह वायरस अमेरिका के पांच राज्यों – इडाहो, कैनसस, मिशिगन, न्यू मैक्सिको और टेक्सास में पशुओं के झुंडों में तेजी से फैल गया है, जिससे जमीन और समुद्र दोनों पर लाखों जानवर प्रभावित हुए हैं। हालांकि अमेरिकी स्वास्थ्य ऑफिसरों ने बोला कि जनता के लिए जोखिम कम है, लेकिन राष्ट्र में ताजे अंडे के सबसे बड़े उत्पादक द्वारा रिपोर्ट किए गए प्रकोप की समाचार के कारण चिंता बढ़ रही है।
एच5एन1 क्या है?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा A का एक उप-प्रकार है, जो पक्षी फ्लू वायरसों का एक ग्रुप है। इसे अधिक घातक माना जाता है क्योंकि यह पक्षियों में गंभीर और अक्सर जानलेवा रोग का कारण बनता है। हालांकि यह मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है, H5N1 जंगली पक्षियों और कभी-कभी स्तनधारियों, जिनमें आदमी भी शामिल हैं, को भी संक्रमित कर सकता है। पक्षियों के अतिरिक्त इस रोग से मृत्यु हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में हल्के लक्षण हो सकते हैं या कोई लक्षण नहीं भी दिखाई दे सकते। एच5एन1 वायरस का पहली बार पता 1996 में चीन में पक्षियों में चला था। एक वर्ष बाद, हांगकांग में इसका प्रकोप हुआ, जिसके परिणामस्वरूप सीधे पक्षी से आदमी में फैलने के 18 मुद्दे सामने आए और 6 लोगों की मृत्यु हो गई।

