डायबिटीज और बीपी के मरीजों को रखना चाहिए इन बातों ध्यान
देहरादून. रमजान के दौरान जब रोजा रखा जाता है, तो शरीर में कई परिवर्तन होते हैं. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और थायराइड के रोगियों को रोजा रखते हुए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. डायबिटीज के रोगी यदि रोजा रखने से पहले सेहरी के वक़्त अपनी रेगुलर दवाएं लेते हैं, तो उनकी शुगर बहुत कम हो जाती है. ऐसी स्थिति में हाइपोग्लाइसीमिया हो जाता है, जो बहुत गंभीर हो सकता है. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के आयुर्वेदिक डॉक्टर सिराज सिद्दीकी ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बोला कि यदि आप डायबिटीज के रोगी हैं और शुगर की दवाएं लेते हैं, तो रोजा रखने के दौरान आपके खाना न खाने से शुगर का लेवल कम होने लगता है और उस पर आपके दवाइयों के लेने से यह और अधिक गिरने लगता है और सामान्य से बहुत कम हो जाता है, जिसे हाइपोग्लाइसीमिया बोला जाता है. इसमें रोगी को मिर्गी जैसे दौरे पड़ना, मुंह और जुबान का बंद हो जाना जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए आपको अपने चिकित्सक से अपनी दवाओं की डोज में परिवर्तन करााना महत्वपूर्ण होता है.डॉ सिद्दीकी ने बोला कि जब आदमी के शरीर में 70 से कम शुगर लेवल होता है, तब हाइपोग्लाइसीमिया होता है. किडनी और ब्रेन को एनर्जी के लिए ग्लूकोस चाहिए होता है, जो शुगर लेवल के ठीक होने पर ही मिल पाता है. ऐसी स्थिति रोगी के लिए घातक हो सकती है. इसमें आदमी का दिमाग सुन्न पड़ जाता है.

हार्ट अटैक का रिस्क
उन्होंने आगे बोला कि वहीं शुगर लेवल 30-40 पहुंचने पर दिल पर यह बुरा असर कर सकता है. इसमें हार्ट अटैक का रिस्क भी बढ़ जाता है. आपको लगातार शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर लेवल को चेक करते रहना चाहिए. दरअसल ब्लड प्रेशर के रोगियों को रोजा रखने से इंकार किया जाता है क्योंकि उन्हें पानी न मिलने से दिमाग और दिल पर बुरा असर पड़ सकता है. ब्लड प्रेशर के बढ़ने से दिल और दिमाग की नसों को खतरा होता है. इसमें ब्लड प्रेशर लो भी हो सकता है. यह स्थिति भी गंभीर है.

