घबराएं नहीं! बुखार आने से भी शरीर को मिलते हैं लाभ, सिर्फ इन स्थितियों में खाएं दवा
Reason Behind Fever: बुखार आने पर यकीनन आप घबरा जाते हैं और ऐसा लगता है कि शरीर शिथिल पड़ गया है। बुखार को एक गंभीर रोग के तौर पर हर कोई लेता है, लेकिन आपको बता दें कि बुखार कोई गंभीर रोग नहीं है, बल्कि बुखार आना आपके शरीर के स्वस्थ होने की निशानी है। बुखार आने के इतने सारे लाभ हैं, जिन्हें आज तक आप नहीं जानते होंगे। आखिर बुखार आता क्यों है और इसके आने से हमारे शरीर को क्या-कुछ लाभ होते हैं?

यही जानने के लिए जब हमने दिल्ली के प्रसिद्ध इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के डाक्टर सुरनजीत चटर्जी से बात की, तो उन्होंने कहा कि बुखार आने से घबराने की आवश्यकता नहीं है।बुखार ना आए, तो चिंता करने की आवश्यकता जरूर है।
न आए बुखार तो चिंता की बात!
यकीनन यह सुनकर आप दंग रह गए होंगे, लेकिन यह हकीकत है। उन्होंने कहा कि जब हमारे शरीर में कोई वायरस या इन्फेक्शन चला जाता है, तो हमारा शरीर डिफेंसिव मोड में आ जाता है यानी सुरक्षा की प्रक्रिया को प्रारम्भ कर देता है। इस क्रम में शरीर, इन्फेक्शन और वायरस को मारने की प्रयास करता है, जिसके लिए भिन्न-भिन्न रास्ते अपनाता है, उसी में एक रास्ता है बुखार। शरीर का तापमान बढ़ाकर हमारा शरीर वायरस और इन्फेक्शन से लड़ने की प्रयास करता है। बुखार हमारे शरीर का एक ‘डिफेंसिव मेकैनिज्म’ है, जिसे समझने की आवश्यकता है।
बुखार ना आने का मतलब इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर
डॉ। सुरनजीत चटर्जी ने कहा कि यदि आपको बुखार आता है, इसका मतलब है कि आपका इम्यूनिटी सिस्टम यानी बीमारी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है। यदि आपको बुखार नहीं आ रहा है, तो इसका मतलब यह है कि आपका इम्यूनिटी सिस्टम पूरी तरह से कमजोर है।
खास तौर पर बुखार उनको भी नहीं आता है, जो बहुत बुजुर्ग होते हैं या जो किसी न किसी गंभीर रोग जैसे कैंसर से ग्रस्त होते हैं या किसी तरह का ट्रांसप्लांट करवा चुके होते हैं। यहां तक कि एड्स मरीजों को भी बुखार नहीं आता है। इसीलिए यदि आपको बुखार आ रहा है, तो इसका मतलब है कि आपका शरीर स्वस्थ है और आपका इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत है।
बुखार में कब लेनी चाहिए दवा
डॉ। सुरनजीत चटर्जी ने कहा कि यदि एक सामान्य युवा को हल्का बुखार है, जैसे एक से दो दिन हल्का तापमान बढ़ा हुआ लग रहा है, तो दवा तुरंत मत खाएं। लेकिन यदि कोई बच्चा है या बुजुर्ग है और अचानक उसको बुखार आ जाए और तापमान 104 से 105 डिग्री सेल्सियस चला जाए, तब तुरंत चिकित्सक से मिलें। यही नहीं, उन्होंने कहा कि हीटवेव के दौरान बुखार आना या हीट स्ट्रोक जैसे हालातों में यदि बुखार आता है, तो चिकित्सक को तुरंत दिखाएं।

