शारीरिक और मानसिक तनाव से राहत पाने के लिए करें ये आसन
शशांकासन, जिसे खरगोश मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है, एक आरामदायक आगे की ओर झुकने वाला योग आसन है. ‘शशांकासन’ नाम संस्कृत के शब्द शशांक जिसका अर्थ है चंद्रमा या खरगोश और आसन जिसका अर्थ है मुद्रा से लिया गया है. यह आसन अपने शांत करने वाले प्रभावों के लिए जाना जाता है, जो आराम की मुद्रा में लेटे हुए खरगोश जैसा दिखता है.

शशांकासन कैसे करें?
वज्रासन (वज्र मुद्रा) में बैठकर इस सरल को करने की आरंभ करें. अब अपने हाथों को अपने घुटनों पर रखें और फिर घुटनों को जितना खोल सकते हैं खोल लें. इस दौरान ध्यान रखने की आपके पैरों के अंगूठे आपस में मिले हों. इसके बाद अपने दोनों हाथों को अपने घुटने के बीच रखें और सांस बाहर की और छोड़ते हुए हाथ को जमीन पर आगे की ओर सरकाते हुए अपने शरीर को आगे लेकर जाएं. इस दौरान अपने हाथों को एक दूसरे की सिधाई में रखना है और आपकी थुड़ी जमीन पर लगी होनी चाहिए. सामान्य रूप से साँस लेते हुए थोड़ी देर इस सरल को बनाए रखें और फिर गहरी साँस लें और वापस शुरुआती स्थिति में आ जाएं.
शशांकासन के लाभ?
शशांकासन करने से कई शारीरिक फायदा मिलते हैं. यह आसन पीठ, कंधों और गर्दन में तनाव को दूर करने में सहायता करता है. यह रीढ़ की हड्डी को हल्का खिंचाव देता है, जिससे लचीलापन बढ़ता है. आगे की ओर झुकने से पेट के अंगों की मालिश होती है, जिससे पाचन में सहायता मिलती है. यह आराम को बढ़ावा देकर और तनाव को कम करके थकान को कम करने में सहायता करता है. इसके मानसिक और भावनात्मक लाभों की बात करें तो ये मन पर शांत असर डालता है, चिंता और तनाव को कम करता है. यह शांत और स्पष्टता की भावना लाकर एकाग्रता में सुधार करने में सहायता करता है. यह मुद्रा आराम और शांति की स्थिति को प्रेरित करके भावनात्मक स्थिरता को बढ़ावा देती है. यह गर्दन और कंधों में तनाव को कम करके सिरदर्द को कम करने में सहायता कर सकता है. सोने से पहले इस मुद्रा का अभ्यास करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार और अनिद्रा को कम करने में सहायता मिल सकती है.
किन लोगों को नहीं करना चाहिए शशांकासन?
घुटने की चोट या गंभीर घुटने के दर्द वाले व्यक्तियों को इस मुद्रा को करने से बचना चाहिए या फिर सावधानी से इसका अभ्यास करना चाहिए. इसके अतिरिक्त जिन लोगों को पीठ की गंभीर परेशानी है, उन्हें इस आसन को करने से पहले किसी स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से राय लेनी चाहिए. गर्भवती स्त्रियों को आगे की ओर झुकने से बचना चाहिए और इस आसन का अभ्यास करने से पहले चिकित्सक से राय लेनी चाहिए.

