इस सुपर फूड को पीने से शारीरिक कमजोरी होगी दूर
नई दिल्ली: डेयरी फार्मिंग करने वाले किसानों की किस्मत जल्द ही खुलने वाली है। क्योंकि उनके लिए एक ऐसा आईडिया दिल्ली के युवा वैज्ञानिक ने लॉन्च किया है, जिसको अपना कर पूरे राष्ट्र भर के किसान मालामाल हो सकते हैं। दरअसल, दिल्ली की पूसा वैज्ञानिक नीलम उपाध्याय ने मोटे अनाजों को मिलाकर एक दूध बनाया है, जो लोगों के लिए सुपर फूड है, जिसे पीने के बाद लोगों की शारीरिक कमजोरी दूर हो जाएगी।
इसे बच्चे, बूढ़े, जवान, स्त्री और पुरुष सभी को यह अच्छी स्वास्थ्य देगा। यह दूध इतना स्वास्थ्य वर्धक है कि इसे पीने से बीमारियां भी नहीं होंगी और तो और सामान्य दूध जब आप पीते हैं तो इसका स्वाद आपको अच्छा नहीं लगता, लेकिन यह दूध बहुत स्वादिष्ट है। इसका स्वाद इतना लाजवाब है कि बच्चे भी इसे खुशी-खुशी मिल्क शेक की तरह पी लेंगे।
वहीं, लोकल 18 की टीम ने खाद्य एवं प्रौद्योगिकी तकनीक और विषय से ताल्लुक रखने वाली वैज्ञानिक नीलम उपाध्याय से वार्ता की। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज जैसे बाजार समेत मिलेट्स और दूध को मिलाकर यह पूरा सुपर फूड तैयार किया गया है। इसका नाम ‘श्रीअन्न’ है। इसे डेयरी कंपोजिट ड्रिंक भी कहते हैं।
जानें बनाने का आसान तरीका
वैज्ञानिक नीलम उपाध्याय ने कहा कि जब आप सामान्य दूध पीते हैं, तो उसमें फाइबर, आयरन और विटामिन सी नहीं होता है। इसीलिए मोटे अनाज और दूध का मिश्रण बनाकर इस पूरे प्रोडक्ट को तैयार किया गया है, इसमे फाइबर,आयरन और विटामिन सी भी है। क्योंकि मोटे अनाजों को प्रोसेस करके इसमें इसे मिलाया गया है। इसकी प्रोसेसिंग करना बहुत आसान है। प्रोसेसिंग हो जाने के बाद मिलेट्स और दूध के इस मिश्रण को बनाने में केवल आधा घंटा लगता है। यह दूध दही जो सामान्य रूप से लोग खाते हैं। उससे कई गुना अधिक स्वास्थ्य वर्धक और लाभ वाला है। इस दूध में एनर्जी, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट भी है।
किसानों को दी जा रही है ट्रेनिंग
डॉ। नीलम उपाध्याय ने कहा कि जो भी किसान इस दूध को बनाकर बाजार में बेचना चाहता है। वह यहां पर आकर इसकी पूरी ट्रेनिंग ले सकता है। कुछ ही समय में वह इस ड्रिंक को बनाना सीख जाएगा। यह एक तरह के एनर्जी ड्रिंक है, जो बाजार में आ जाएगी तो लोगों को उसका लाभ होगा। साथ ही किसानों को इसे बेचकर अपनी आय दोगुनी करने का अच्छा मौका मिलेगा। क्योंकि मोटे अनाज मिले होने की वजह से इस दूध की मूल्य बाजार में अच्छी बिकेगी। ऐसे में किसान यहां आकर ट्रेनिंग ले सकते हैं।

