स्वास्थ्य

हाई ब्लड प्रेशर होने से बढ़ सकती है दिमाग की समस्याएं, जानें उपाय

 पिछले दो-तीन वर्षों में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है हार्ट से संबंधित रोंगों के होने का मुख्य कारण हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) भी होता है हाइपरटेंशन को ‘साइलेंट किलर’ भी कहते हैं ऐसा इसलिए, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर कई बार कोई साफ लक्षण दिखाए बिना ही काफी हानि पहुंचा सकता है हाई ब्लड प्रेशर को नॉर्मल न किया जाए तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी संबंधित समस्याएं, दिमाग की नसें फटना, हार्ट की नसों, वॉल्व को हानि हो सकता है ऐसे में बहुत महत्वपूर्ण है कि आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें और नियमित जांच करते रहें आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर को दिल की रोंगों से जोड़ ही देखा जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि हाई बीपी होने से आपके मस्तिष्क पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है? हाइपरटेंशन का दिमाग पर पड़ने वाला असर बहुत ही गंभीर हो सकता है इस पर विस्तार से बताया मैरेंगो एशिया हॉस्पिटल, फरीदाबाद में न्यूरोलॉजी के डायरेक्टर डाक्टर कुणाल बहरानी ने…

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हाई ब्लड प्रेशर का दिमाग पर पड़ने वाला प्रभाव
मैरेंगो एशिया हॉस्पिटल, फरीदाबाद में न्यूरोलॉजी के डायरेक्टर डाक्टर कुणाल बहरानी कहते हैं कि आपका ब्रेन यानी मस्तिष्क तभी ठीक ढंग से काम करेगा, जब उसे प्रॉपर ऑक्सीजन और लगातार ब्लड सप्लाई मिले कई बार उच्च रक्तचाप होने पर रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) खराब होने लगती हैं इससे ऑक्सीजन दिमाग में प्रॉपर नहीं पहुंच पाता है पोषक तत्वों की सप्लाई भी प्रभावित होती है इससे कई समस्याएं हो सकती हैं, जो इस प्रकार हैं-

बढ़ सकता है स्ट्रोक और मिनी-स्ट्रोक का रिस्क
आपका ब्लड प्रेशर काबू में नहीं रहेगा तो इसका नेगेटिव असर आपकी धमनियों पर पड़ेगा, जिससे ये कमजोर हो सकता है इनमें रुकावट आ सकती है साथ ही कई केसेज में आर्टरीज के फटने का भी जोखिम बढ़ जाता है जब ब्रेन में किसी भी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बाधित होता है, तो वहां उपस्थित कोशिकाएं मरने लगती हैं, जिससे स्ट्रोक हो सकता है कई बार तो छोटे और अनदेखे स्ट्रोक (TIA) भी दिमाग की कोशिकाओं को हानि पहुंचा सकते हैं

हो सकता है वैस्कुलर डिमेंशिया
जिन लोगों का ब्लड प्रेशर लेवल लगातार हाई रहता है, उनकी धमनियां संकरी और सख्त हो जाती हैं इससे भी ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है इस कारण से वैस्कुलर डिमेंशिया होने का रिस्क बढ़ सकता हैयह अल्जाइमर के बाद सबसे कॉमन डिमेंशिया का प्रकार है इसमें याददाश्त कमजोर हो जाती है सोचने-समझने की क्षमता कम होने लगती है भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है

अल्जाइमर होने का बढ़ जाता है रिस्क
कुछ अध्ययन के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर और अल्जाइमर के बीच गहरा संबंध है लगातार हाई ब्लड प्रेशर के कारण दिमाग में ‘एमिलॉयड प्लाक्स’ (एक प्रकार का प्रोटीन) तेजी से जमा होने लगता है यह अल्जाइमर का मुख्य कारण होता है इससे धीरे-धीरे याददाश्त और दिमागी क्षमता कम होने लगती है

दिमाग के वाइट मैटर को होता है नुकसान
हाई ब्लड प्रेशर से मस्तिष्क के वाइट मैटर में परिवर्तन आ सकते हैं वाइट मैटर दिमाग के विभिन्न हिस्सों के बीच संदेश पहुंचाने का काम करता हैइसके प्रभावित होने से आदमी को मानसिक कमजोरी, डिप्रेशन, चलने-फिरने में कठिनाई आदि समस्याएं हो सकती हैं

हाई ब्लड प्रेशर के रोकथाम के उपाय
हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना महत्वपूर्ण है ताकि आपको हार्ट और मस्तिष्क संबंधी कोई बीमारी या समस्याएं न हों इसके लिए आप निम्न चीजों को जरूर अपनाएं-

– डाइट में हेल्दी चीजें शामिल करें बैलेंस डाइट लें हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, फलियां, फाइबर युक्त फूड्स खाएं अधिक नमक का सेवन न करें
-नियमित एक्सरसाइज करना महत्वपूर्ण है ताकि आप हेल्दी रहें इसके लिए योग, लाइट एक्सरसाइज, वॉकिंग, जॉगिंग, स्विमिंग आदि कर सकते हैं
– ब्लड प्रेशर को मेंटेन रखने के लिए स्ट्रेस को भी मैनेज करना महत्वपूर्ण है इसके लिए मेडिटेशन करें डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें
-ओमेगा-3 (DHA, EPA) जैसे पोषक तत्वों का सेवन करें जो दिमाग के लिए लाभ वाला होते हैं
-हाई ब्लड प्रेशर को समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो यह गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण बन सकता है ऐसे में रेगुलर ब्लड प्रेशर को चेक करते रहें स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं

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