स्वास्थ्य
Heart Disease: संभल जाएं! आपके दिल को अंदर ही अंदर खोखला बना रही हैं ये 9 चीजें
अधिकतर लोगों का मानना होता है कि केवल अधिक ऑयल खाने से दिल की रोंगों और हार्ट अटैक का खतरा होता है. लेकिन आप गलत हैं. क्योंकि नमक, मांस, चीनी और शुगरी ड्रिंक्स का सेवन करने से भी हार्ट डिजीज का खतरा दोगुनी रफ्तार से बढ़ता है. हार्ट स्पेशलिस्ट इन चीजों का सेवन न करने की राय देते हैं. वहीं ज्यादातर लोग इन चीजों को बड़े शौक से खाते हैं. ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको प्रतिदिन खाई जाने वाली कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि दिल के रोगों और अटैक का कारण बनती हैं. इसलिए हार्ट डिजीज से बचने के लिए आपको इन्हें फौरन छोड़ देना चाहिए.

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फ्रेंच फ्राइज और तला हुआ खाना
फ्रेंच फ्राइज खाने से दिल के रोगों का खतरा बढ़ता है. करीब 100 ग्राम तली हुई फ्रेंच फ्राइज में 8 ग्राम ट्रांस फैट होता है. ट्रांस फैट खून में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है, जिससे हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. इसी तरह से अधिक टेम्प्रेचर पर तली हुई चीजों को खाने से अधिक ट्रांस फैट शरीर में जाता है, जोकि दिल के रोगों का बड़ा कारण बन सकता है.
रेड और प्रोसेस्ड मीट
कीमा, स्टेक और बेकन जैसी चीजों का सेवन करना दिल की स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है. इसमें अमीनो एसिड उपस्थित होता है, जोकि आंतों के बैक्टीरिया को प्रभावित करते हैं. इससे कोलेस्ट्रॉल और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है.
सफेद ब्रेड और नमक
सफेद ब्रेड में हाई कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है और इसका सेवन करने से हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है. इसमें पाया जाने वाला हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाता है, जोकि हार्ट अटैक के शुरूआती कारणों में से एक माना जाता है. अधिक नमक ब्लड वेसल्स को हानि और ब्लॉकेज कर सकता है. इसलिए एक दिन में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए.
पिज्जा और कॉर्नफ्लेक्स
वहीं पिज्जा के एक टुकड़े में करीब 10 ग्राम फैट होता है. जिसमें से 4.4 ग्राम सैचुरेटेड फैट होता है. इस तरह से कई लोगों का पसंदीदा ब्रेकफास्ट कॉर्नफ्लेक्स भी दिल के लिए ठीक नहीं होता है. इनमें शुगर और फास्ट कार्बोहाइड्रेट होता है. जिससे इंसुलिन लेवल अचानक बढ़ जाता है. साथ ही इन चीजों का सेवन करने से ब्लड वेसेल्स पर बुरा असर पड़ता है.
इंस्टेंट सूप
प्रोसेस्ड फूड की तरह ही इंस्टेंट सूप में भी बहुत अधिक नमक होता है. जोकि हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता है. कुछ लोग हफ्ते में कई बार इंस्टेंट सूप का सेवन करते हैं. इससे इन लोगों में कार्डियोमेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा करीब दोगुना होता है.
एनर्जी ड्रिंक्स
बता दें कि 100 मिलीलीटर एनर्जी ड्रिंक में करीब 30 मिलीग्राम कैफीन होता है. यानी की 300 मिलीलीटर पीने से 90 मिलीग्राम कैफीन हमारे शरीर में जाता है. जोकि करीब 4 एस्प्रेसो कॉफी के बराबर होता है. इसी मात्रा में कैफीन से टैकीकार्डियो यानी की धड़कन तेज हो सकती है. वहीं दिल की परेशानी वाले लोगों को इन ड्रिंक्स का सेवन नहीं करना चाहिए.