तुलसी के पत्तियों की सेवन का जाने महत्व
पीलीभीत : हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को एक देवता तुल्य माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि तुलसी का पौधा जिस चीज़ को स्पर्श करता है वह शुद्ध हो जाती है। लेकिन धार्मिक महत्व के साथ ही साथ तुलसी के पौधे के लिए औषधीय फायदा भी है जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी होती है। यह सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और तनाव जैसी अनेक रोंगों में फायदेमंद होती है। आयुर्वेद में तुलसी को ‘ सर्वरोग निवारिणी’ बोला जाता है क्योंकि यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और विषाणुओं से लड़ने में सहायता करती है।

धार्मिक दृष्टि से भी तुलसी को पवित्र माना जाता है और इसे देवी लक्ष्मी या भगवान विष्णु का आवास माना जाता है, इसलिए तुलसी का पौधा घर में रखना शुभ माना जाता है. यह न सिर्फ़ शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति भी प्रदान करती है। तुलसी के पौधे को विधि विधान से घर में स्थापित करने और उसकी पूजा करने से कई तरह के आर्थिक और सामाजिक फायदा की प्राप्ति होती है। साथ ही, इस पौधे की पत्तियों का सेवन करने का भी विशेष महत्व कहा गया है।
इन रोगों के उपचार में कारगर
पीलीभीत के वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डाक्टर आदित्य पांडे बताते हैं कि तुलसी एक ऐसा पौधा जो ज्यादातर घरों में पाया जाता है। तुलसी की पत्तियां इम्युनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने, तनाव कम करने और त्वचा को ग्लोइंग बनाने में सहायता करती है। तुलसी का कई तरह से सेवन किया जा सकता है। इसके पत्तों को उबालकर चाय बनाई जाती है या खाली पत्ते खाने से भी इसका फायदा मिलता है। तुलसी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में सहायता करते हैं। प्रत्येक दिन तुलसी का पानी पीने से सर्दी, खांसी और गले की सूजन में राहत मिलती है साथ ही सर्दी-खांसी होने की आसार भी कम होती है।
इम्यूनिटी बूस्टर है तुलसी का पौधा
डॉ। आदित्य पांडे बताते हैं कि तुलसी का पौधा अमृत से कम नहीं है। तुलसी का पौधा आयुर्वेद में उपस्थित सबसे श्रेष्ठ इम्यूनिटी बूस्टर में से एक है। यदि रोजाना खाली पेट तुलसी की 4 पत्तियों का सेवन करें तो हमारे शरीर की बीमारी प्रतिरोधत क्षमता बहुत अधिक बढ़ती है। इतना ही नहीं तुलसी में उपस्थित क्लोरोफिल की अधिक मात्रा के चलते इसके सेवन से आखों की रोशनी और सुनने की क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलती है।
चेहरे पर भी आएगा निखार
वहीं तुलसी के गुणों के चलते त्वचा में चमक भी आती है। यदि किसी को गले, नाक या फिर छाती में कफ की परेशानी है तो इस मुद्दे में भी तुलसी बहुत फायदेमंद है। जिन व्यक्तियों को साइनोसाइटिस की परेशानी है उन्हें भी तुलसी डाल कर भाप लेने की राय दी जाती है।

