दवाइयों से बेहतर है ये अनोखा पत्ता! शरीर को अंदर और बाहर से करता है चुस्त
मीठी नीम खाने के कई लाभ होते हैं. मीठी नीम का इस्तेमाल आमतौर पर घरों में किया जाता है. मीठी नीम के कई आयुर्वेदिक होते हैं. इसे खाने से विभिन्न प्रकार की कठिनाई दूर होती है. आयुर्वेद में भी इसके कई गुण बताए गए हैं. मीठी नीम जिसे करी पत्ता भी बोला जाता है आयुर्वेद में इसके कई औषधि गुण पाए गए हैं.

क्या हैं इस पत्ते के आयुर्वेदिक गुण?
आयुर्वेद जानकार प्रज्ञा सक्सेना ने लोकल 18 को कहा कि यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है. मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायता करता है और रक्त परिसंचरण को भी बेहतर बनाने में सहायक है. इसके साथ ही इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहायता करता है. मीठी नीम रूटेसी फैमिली का प्लांट है और इसकी एंटीमाइक्रोबॉयल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं. इसका इस्तेमाल बालों के लिए, स्कीन के लिए अच्छा है ही, इसके साथ ही घर के विभिन्न खानों में भी इसके पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है.
पाचन को बेहतर बनाने में मदद
मीठी नीम में फाइबर और कार्मिनेटिव अच्छा होता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में सहायता करता है. यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी परेशानी से राहत दिलाता है. मीठी नीम के सेवन से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है. मीठी नीम में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो रक्त परिसंरचना को बेहतर बनाने सहायता करता है और दिल की रोग का खतरा कम करता है.
इसके साथ ही बालों को झड़ने से रोकता है. मीठी नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा को संक्रमण से बचाने में सहायता करते हैं. मीठी नीम की तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में सहायता करता है. मीठी नीम का सेवन अधिक मात्रा में नहीं किया जाना चाहिए. इसका अधिक मात्रा में सेवन नुकसान पहुंचा सकता है. अधिक मात्रा में सेवन से पहले चिकित्सक की राय जरूरी है.

