जानें, आखिर पेट की समस्याओं से कैसे जुड़ा है जोड़ों के दर्द…
कहते हैं किसी भी स्थाई रोग का कनेक्शन पेट से होता है। ऐसे में आज वृद्ध लोगों के साथ-साथ युवाओं को भी घुटने और जोड़ में दर्द की परेशानी बन रही है, तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर इन जोड़ों के दर्द का पेट से क्या कनेक्शन है और इसको किस प्रकार से ठीक किया जा सकता है। घुटनों और जोड़ों के दर्द को लेकर हमारे साथ वार्ता करने के लिए उपस्थित हैं चिकित्सक नेहा गोयल…।

सर्दी में होती है अधिक समस्या
पिछले 5 सालों से सुल्तानपुर में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक नेहा गोयल ने लोकल 18 से वार्ता के दौरान कहा कि सर्दी के मौसम में जोड़ों में जकड़न बढ़ जाती है, क्योंकि रक्त गाढ़ा हो जाता है और ब्लड सरकुलेशन में थोड़ा-थोड़ा ऊपर होने लगता है जिस वजह से घुटने और जोड़ों में दर्द होने लगता है। इसके अतिरिक्त लोगों को उठने-बैठने में परेशानी होती है।
सर्दियों में जोड़ों के दर्द को कम करने का उपाय
डॉक्टर नेहा गोयल ने कहा कि सर्दी के दौरान जब लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं या फिर घर का काम करते हैं, तो गलत उठने-बैठने के कारण जोड़ों में खिंचाव और दर्द बन सकता है। जोड़ों की रोग ज्यादातर पेट के खराब होने से होती है। ऐसे में त्रिफला पाउडर का इस्तेमाल करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
ब्रेक लेना है जरूरी
इस बात का ध्यान रखें कि आप जहां काम कर रहे हैं वह एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन किया गया हो, क्योंकि सर्दियों में घुटने और जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए पूरे दिन खड़े होने, स्ट्रेच करने और अच्छी मुद्रा बनाए रखने के लिए ब्रेक लेना महत्वपूर्ण होता है।
डाइट पर रखें विशेष ध्यान
वैसे तो पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार सालभर लेना होता है, लेकिन सर्दियों में यह विशेष रूप से जरूरी हो जाता है जो कि जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। हमें अपनी डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए जो अपने सूजन-रोधी गुणों के लिए जाने जाते हैं, जैसे कि वसा से युक्त मछली, पत्तेदार साग, मेवे और जामुन।मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड जोड़ों की सूजन को कम करने में सहायता करते हैं और फलों और सब्जियों में उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट आपके जोड़ों को हानि होने से बचाते हैं।

