डेंगू से बचने के जाने उपाय
रामपुर: यदि आपने भी अपने घर में कांच की बोतल या किसी बर्तन में सजावट के रूप में मनी प्लांट का पौधा लगाकर रखा है तो आपको सावधान होने की आवश्यकता है। मनी प्लांट के पानी में डेंगू का लार्वा आपको और आपके परिवार को बीमार कर सकता है। दरअसल, मनी प्लांट में ड़ेंगू का लार्वा पनपने की आसार होती है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी रखने से ड़ेंगू से बचा जा सकता है।
ज्यादातर सभी लोग अपने घरों में धन वृद्धि की कामना से मनी प्लांट लगाते हैं। यह घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इतना ही नहीं यह वातावरण को साफ रखने में सहायता करता है लेकिन, मनी प्लांट के पौधे के पानी को लंबे समय तक न बदलने से बॉटल में भरे साफ पानी में डेंगू के एडीज मच्छर पनप जाते हैं। इसके पीछे की बड़ी वजह यह है कि डेंगू का लार्वा साफ पानी में ही पनपता है जिससे, डेंगू के मामलों में काफी बढ़ोतरी होने लगती है।
डेंगू से बचने के अन्य उपाय
दरअसल, डेंगू एक गंभीर रोग है जो कई बार जानलेवा साबित होती है। ऐसे में यदि आपने अपना मनी प्लांट पानी की बोतल में लगाया हुआ है तो बोतल का पानी हफ्ते में दो बार बदल दें और उसके आस पास गंदगी जमा न होने दें। रात को सोने से पहले मच्छरदानी लगाकर सोना चाहिए और शाम होते ही खिड़की दरवाजे को पूरी तरह से बंद करके रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त फूल आस्तीन के कपड़े पहनना चाहिए और शाम के समय दरवाजे, खिड़कियों को बंद करके रखना चाहिए जिससे के अंडे से लार्वा न बन पाए।
दिन में काटते हैं डेंगू वाले मच्छर
जिला मलेरिया अधिकारी संजीव चौहान बताते हैं कि मलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है जो एक परजीवी के कारण होता है। मलेरिया से पीड़ित लोगों को अक्सर बुखार, ठंड लगना और फ्लू जैसे लक्षण महसूस होते हैं। डेंगू का मच्छर साफ पानी में एक बार में 250 अंडे देता है और यह अपने पूरे जीवनकाल में तीन बार अंडे देता है। अंडों से दो से तीन दिन में लार्वा निकलता है और चार दिन तक यह बढ़ता है। 12 से 48 घंटे में प्यूपा बन जाता है जो संखी की तरह नजर आता है। इसके 12 से 24 घंटे में मच्छर बनकर उड़ जाता है। ये डेंगू मच्छर अधिकांश सुबह के समय में ही काटते हैं।

