जानें सर्वाइकल कैंसर के के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में…
Cervical Cancer Symptoms and treatment: स्त्रियों में होने वाले मुख्य और कॉमन कैंसर में सबसे पहले ब्रेस्ट कैंसर का नाम आता है। उसके बाद जो कैंसर स्त्रियों को अधिक होता है, वह है सर्वाइकल कैंसर यानी ग्रीवा कैंसर। इस खतरनाक कैंसर के कारण राष्ट्र में कई स्त्रियों की मृत्यु हो जाती है। वजह है समय पर लक्षणों को पहचान कर इसका निदान और उपचार प्रारम्भ न करना। कुछ स्त्रियों को तो इसके बारे में बेसिक जानकारी तक नहीं होती है कि सर्वाइकल कैंसर होता क्या है, ये शरीर के किस भाग में होता है या फिर इसके लक्षण क्या हैं। जागरूकता के अभाव में कई महिलाएं अपनी जान गंवा बैठती हैं। सर्वाइकल कैंसर पर प्रिस्टिन केयर की वरिष्ठ महिला बीमारी जानकार गरिमा साहनी से जाना इस रोग के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में।

डॉ गरिमा साहनी ने सबसे पहले इस सर्वाइकल कैंसर जो गर्भाशय ग्रीवा (गर्भाशय के निचले हिस्से) में होता है के बारे में एक संक्षिप्त परिभाषा दी। उन्होंने बोला कि सर्वाइकल कैंसर को ग्रीवा कैंसर बोला जाता है। गर्भाशय के शुरुआती हिस्से को ग्रीवा बोला जाता है. इसे हम आम भाषा में बच्चेदानी का मुंह कहते हैं।
डॉ गरिमा साहनी बताती हैं कि यह तब होता है, जब ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि होने लगती है. असमान्य मतलब जब सामान्य कोशिका कैंसर कोशिका में परिवर्तित हो जाती है. इसे हमें चिकित्सकीय भाषा में ‘सर्वाइकल कैंसर’ कहते हैं.
डॉ गरिमा साहनी इसके शुरुआती लक्षण के बारे में भी बताती हैं. वो कहती हैं कि शुरुआती लक्षण में ब्लीडिंग होना आम है. इसके अलावा, संभोग के दौरान भी कई बार ब्लीडिंग हो जाती है. इसे हम मेडिकल भाषा में पोसकोयटल ब्लीडिंग कहते हैं. शरीर में से कुछ गंदी बदबू आने लगती है. यदि ऐसी स्थिति में आपको किसी भी प्रकार की परेशानी होती है, तो आपको चिकित्सक के पास तुरंत जाना चाहिए और उनसे राय लेनी चाहिए.
डॉ गरिमा साहनी इसके निदान के बारे में भी बताती हैं. वो बताती हैं कि इसके लिए आप मेडिकल चेकअप करा सकती हैं. सबसे प्रमुख मेडिकल चेकअप पेप्सपियर होता है. पेप्सपियर किसी भी सेक्सुअल सक्रिय स्त्री को तीन वर्ष में एक बार करा लेना चाहिए. यदि इसके चेकअप में किसी स्त्री में एबनॉर्मल सेल्स नजर आते हैं, तो इसके बाद किसी भी स्त्री को कोल्कोपोस्की चेकअप कराना चाहिए. इस चेकअप में यदि हमें पता लगता है कि किसी स्थान पर कैंसर हो सकता है, तो हम उस टुकड़े को लेकर बायोप्सी के लिए भेजते हैं.
डॉ गरिमा साहनी इसके कारणों के बारे में भी बताती हैं. वे बताती हैं कि सर्वाइकल कैंसर होने का सबसे कॉमन कारण ‘ह्यूमन पेपीलोमा वायरस’ है. आमतौर पर संभोग के दौरान इस कैंसर से संबंधित वायरस स्त्री में प्रवेश कर जाते हैं. खासतौर पर जिन महिालाओं के एक से अधिक सेक्सुअल पार्टनर होते हैं, उनमें सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना अधिक रहती है. इसके साथ ही कई बार अधिक उम्र की स्त्रियों में भी इस तरह के कैंसर देखने को मिलते हैं.

