जानें क्या है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और इससे बचने के लिए करें ये उपाय
Erectile Disfunction: आजकल हमारी जैसी दिनचर्या है उसमें स्वास्थ्य वर्धक रह कठिन बन चुका है। मर्दों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) ऐसी ही गंभीर परेशानियों में एक है। जी हां, इरेक्टाइल डिसफंक्शन (बांझपन) की परेशानी आमतौर पर उम्रदराज लोगों में देखी जाती है। लेकिन, इरेक्टाइल डिसफंक्शन कई बार किसी दवा के दुष्प्रभाव, मधुमेह, हार्ट की रोग या प्रोस्टेट से संबंधित इलाज या सर्जरी (Surgery) से भी हो सकता है। इसके शिकार होने पर पिता बनने का सपना टूट सकता है। इसलिए महत्वपूर्ण है कि इससे बचाव करें। यदि आप भी इस कठिनाई से दूर और बेहतर संभोग लाइफ(Sex Life) चाहते हैं तो प्रवर्तन निदेशालय से बचें। अब प्रश्न है कि आखिर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है? प्रवर्तन निदेशालय से बचने के तरीका क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-

क्या है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, जिसे नपुंसकता भी बोला जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष को पर्याप्त इरेक्शन प्राप्त करने या बनाए रखने में मुश्किल होती है, जिससे यौन क्रिया में कठिनाई होती है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) का मतलब है कि आपको संभोग के लिए पर्याप्त सख्त इरेक्शन प्राप्त करने या बनाए रखने में मुश्किल होती है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से बचने के उपाय
रेगुलर वॉक: हार्वर्ड के एक शोध के अनुसार, जो लोग दिन में सिर्फ़ 30 मिनट की वॉक करते हैं। उनमें प्रवर्तन निदेशालय के जोखिम 41% कम रहता है।अन्य अध्ययन बताते हैं कि हल्का व्यायाम प्रवर्तन निदेशालय की दिक्क्त को मर्दों में कम कर सकती है।
हेल्दी डाइट: रिसर्च के मुताबिक, फल, सब्जियां, साबुत अनाज और मछली जैसे प्राकृतिक चीजों को खाने में शामिल करें। रिफाइंड अनाज, प्रोसेस्ड मीट न खाएं इससे प्रवर्तन निदेशालय की संभावना बढ़ती है।
हेल्दी हार्ट: हाई ब्लड प्रेशर , ब्लड सुगर , कोलेस्ट्रॉल, और उच्च ट्राइग्लिसराइड्स ये सभी दिल की धमनियों को हानि पहुंचा सकते हैं। बढ़ती कमर भी स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। शरीर का आकार संभोग लाइफ के लिए अर्थ रखता है। ज़रूरी है की अपने हार्ट और अन्य अंगों की जांच करा लें।
वजन कंट्रोल रखें: 42 इंच की कमर वाले आदमी में 32 इंच की कमर वाले आदमी की तुलना में प्रवर्तन निदेशालय होने की आसार 50% अधिक होती है। मोटापा और डाइबिटीज प्रवर्तन निदेशालय के दो प्रमुख कारण हैं। अतिरिक्त वसा कई हार्मोन में हस्तक्षेप करता है इसलिए फैट से दूर रहें।वजन कम करने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन से लड़ने में सहायता मिल सकती है, इसलिए स्वस्थ वजन रखें और मोटापे से बचें ।
पेल्विक फ्लोर मजबूत बनाएं: हम आपके बाइसेप्स की बात नहीं कर रहे हैं। मजबूत पेल्विक फ्लोर इरेक्शन के दौरान कठोरता को बढ़ाता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय से दूर रहना है तो धूम्रपान , वजन कम करना, शराब से दूर रहें।

