मंकीपॉक्स 116 देशों में फैला, जारी हुए दिशानिर्देश
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक अभी तक मंकीपॉक्स 116 राष्ट्रों में फैल चुकी है। पाकिस्तान में भी मंंकीपॉक्स के रोगी मिल रहे हैं और हिंदुस्तान में खतरा बढ़ रहा है।
भारत के पड़ोसी राष्ट्र पाकिस्तान भी मंकीपॉक्स के मुद्दे सामने आने के बाद हिंदुस्तान में इस रोग का खतरा बढ़ गया है। मध्य अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक कांगो से निकली ये रोग अब पूरी दुनिया में त्राहिमांम मचा रही है। बता दें कि एमपॉक्स एक वायरल जूनोसिस रोग है, जिसके लक्षण पुराने समय में होने वाली स्मॉलपॉक्स जैसे होते हैं। हालांकि यह उसके मुकाबले कम गंभीर है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने मंकीपॉक्स आउटब्रेक को ग्लोबल कंसर्न पब्लिक हेल्थ इमरजैंसी घोषित किया है। यही वजह है कि इसके लिए बहुत ज्यादा जागरुकता, रैपिड पहचान और इसके फैलाव को रोकने के लिए बचाव के तरीकों को अपनाने की आवश्यकता है। हालांकि एम्स की ओर से अब आपातकालीन में मंकीपॉक्स के रोगियों को हैंडल करने के लिए एसओपी जारी की गई हैं। एम्स में मेडिकल सुप्रिटेंडेंट प्रोफेसर निरुपम मदान की ओर से एम्स के सभी विभागों और यूनिट हेड्स को ये दिशानिर्देश दिए गए हैं।

इमरजेंसी स्क्रीनिंग
बुखार और रैश छालों के साथ या किसी मंकीपॉक्स पीड़ित के संपर्क में आने की हिस्ट्री के साथ आए रोगी को तुरंत इमरजैंसी में उपचार दिया जाए। इसके साथ ही यदि रोगी को बुखार, सिरदर्द, मसल्स में दर्द, बैक पेन, सूजे हुए लिंफ नोड, सांस लेने में दिक्कत और स्किन पर छाले, फफोले आदि हैं तो उन लक्षणों को तुरंत आइडेंटिफाई किया जाए।
आइसोलेशन
संदिग्ध रोगियों को तत्काल मंकीपॉक्स के लिए पहले से तय आईसोलेशन एरिया में रखा जाए जहां अन्य रोगियों और स्टाफ से उसका संपर्क कम से कम हो।
एम्स में एबी-7 में पांच बेड मंकीपॉक्स के रोगियों के लिए आइसोलेट किए गए हैं। ये बेड आपातकालीन सीएमओ की राय पर रोगियों को दिए जाएंगे। इसके बाद अस्थाई रूप से रखने के लिए बनाए गए एबी-7 मेडिसिन विभाग में उपचार के बाद रोगियों को मंकीपॉक्स के उपचार के लिए केंद्र गवर्नमेंट की ओर से तय किए गए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया जाए।
आईडीएसपी को सूचना
अगर संदिग्ध मुकदमा की पुष्टि हो जाती है तो उसकी जानकारी तत्काल इस नंबर 8745011784 पर इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के ऑफिसरों को दी जाए।
आईडीएसपी को रोगी की सभी डिटेल्स जैसे ब्रीफ हिस्ट्री, क्लिनिकल फाइंडिंग्स और कॉन्टेक्ट नंबर आदि दिए जाएं।
सफदरजंग में रैफर
चूंकि मंकीपॉक्स के उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल को चिह्नित किया गया है, ऐसे में किसी भी संदिग्ध रोगी को आगे की जांच और उपचार के लिए सफदरजंग में रैफर किया जाए।
एंबुलेंस
सफदरजंग अस्पताल में मंकीपॉक्स के रोगियों को शिफ्ट करने के लिए एक एंबुलेंस नियत कर दी गई है। आपातकालीन स्टाफ को 8929683898 नंबर पर एंबुलेंस कॉर्डिनेटर को इसकी जानकारी देनी है।
पेंशेंट हैंडलिंग और आइसोलेशन
सभी रोगियों का सख्त इन्फेक्शन कंट्रोल के ढंग से हैंडल करना है।
संदिग्ध रोगियों को देखते समय स्टाफ को पीपीई किट पहननी है।
डॉक्यूमेंटेशन और कम्यूनिकेशन
मरीज की जानकारी, लक्षण और रैफरल प्रोसेस के सभी दस्तावेज स्टाफ को रखने हैं। ये प्रोटोकॉल मंकीपॉक्स संदिग्धों के उपचार में लगे सभी विभागों के स्टाफ को फॉलो करने हैं।

