मुलेठी की चाय गले में खराश को भी करती है खत्म
Licorice Benefits: क्या आपने कभी मुलेठी का नाम सुना है। यह घास-फूस की तरह उग आते हैं। मुख्य रूप से इसकी झाड़ी होती है जिसकी पतली लकड़ी को तोड़कर इससे दवा तैयार की जाती है। इसकी जड़ों में खास तरह का गुण होता है। रिसर्च के अनुसार मुलेठी की जड़ में 300 से अधिक कंपाउड होते हैं जो हमारे शरीर के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। इसका पाउडर बनाकर सेवन किया जाता है। गर्म पानी में इसके पाउडर को मिलाकर औषधि की तरह इसे पिया जाता है। इसका असर धीरे-धीरे होता है। लेकिन यह कई रोंगों को जड़ से समाप्त कर देती है। हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार मुलेठी की जड़ में सर्दी-खांसी को ठीक करने की क्षमता तो होती ही है, यह एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटी-बैक्टीरियल, एंटीवायरल गुण के साथ-साथ एंटी-कैंसर गुणों से भी लबरेज रहती है। इसमें कई तरह के प्लांट कंपाउड पाए जाते हैं जो कई असाध्य रोंगों को ठीक करते हैं। यहां तक कि यह एंटी-कैंसर भी होती है।

मुलेठी के फायदे
1. आंत के लिए रामबाण-हेल्थलाइन की रिपोर्ट ने रिसर्च के आधार पर कहा है कि मुलेठी पेट के लिए भी वरदान है। एक शोध में पाया गया कि जब 75 मिलीग्राम मुलेठी के कैप्सूल को 30 दिनों तक दिया गया तो पेट की कई समस्याओं का निवारण निकल गया है। यहां तक कि यह पेट की गंभीर रोग पेप्टिक अल्सर को भी ठीक करने की क्षमता रखता है। मुलेठी की जड़ में ग्लिसिरेझिन नाम का कंपाउड पाया जाता है जो अल्सर के घाव को सूखा देता है।मुलेठी के सेवन से पेट से संबंधित गैस, अपच, एसिडिटी और पेट दर्द की समस्याओं का अंत हो सकता है। मुलेठी जीईआरडी यानी हार्ट बर्न को भी दूर करती है।
मुलेठी के फायदे।
2. सांसों से संबंधित परेशानियां-मुलेठी का सेवन आमतौर पर हम लोग सांसों से संबंधित परेशानियों को समाप्त करने के लिए करते हैं। यदि किसी को खांस हो तो मुलेठी की लकड़ी को केवल चबाएं जैसे लौंग चबाते हैं। कुछ ही देर में फर्क दिखने लगता है। मुलेठी के सेवन से सांस संबंधी बीमारियां भी कम हो जाती है। मुलेठी की लकड़ी को जब चाय में मिलाकर पी जाती है तो इससे सर्दी-खांसी के साथ-साथ अस्थमा के लक्षण भी कम होते हैं। मुलेठी की चाय गले में खराश को भी समाप्त करती है।
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3. स्किन पर ग्लोनेस-मुलेठी स्किन के लिए बहुत लाभ वाला है। मुलेठी में एंटी-बैक्टीरियल या एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होता है। यानी यह स्किन से इंफ्लामेशन और फ्री रेडिकल्स को समाप्त करता है। इस तरह मुलेठी स्किन को जवां बनाती है और कील-मुंहासों को भी जड़ से ठीक करती है। मुलेठी की जड़ से बने चूर्ण को स्किन पर लगाने से भी स्किन संबंधी परेशानियां ठीक होती है।
4. शुगर पर ब्रेक-मुलेठी शुगर के रोगियों के लिए भी बहुत लाभ वाला है। मुलेठी का सेवन किसी भी तरह से यदि सुबह-सुबह किया जाए तो इससे शुगर पूरा दिन कंट्रोल रहता है। शोध में पाया गया है कि मुलेठी में पाए जाने वाले कंपाउड पैंक्रियाज के बीटा सेल्स को एक्टिव करता है जिससे इंसुलिन का उत्पादन बढ़ने लगता है। इससे ग्लूकोज का एब्जॉब्सन तेजी से होता है।
5. एंटी-कैंसर गुण- शोध के अनुसार मुलेठी की जड़ में जो कंपाउड पाया जाता है वह एंटी-कैंसर भी होता है। कुछ अध्ययनों में चूहों पर किए गए प्रयोग में देखा गया है कि मुलेठी स्किन, ब्रेस्ट, कोलोन और प्रोस्टेट कैंसर के सेल्स का विकास को रोकने में सक्षम है। इसलिए भविष्य में इससे कई तरह के तरीका किए जा सकते हैं।

