इन आसनों से बिना महंगी दवाओं के बीपी को करें सामान्य
आधुनिक युग में ब्लड प्रेशर की परेशानी तेजी से बढ़ रही है। बहुत कम उम्र में लोग इस कठिनाई से जूझ रहे हैं। ब्लड प्रेशर कम हो या ज्यादा, दोनों ही हालत में लोगों के लिए कठिनाई का सबब बन सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक राष्ट्र में करोड़ों की संख्या में लोग हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं, लेकिन अधिकांश लोगों को इस कठिनाई का पता ही नहीं है। ऐसे में बीपी अधिक घातक हो सकता है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए दवाएं दी जाती हैं, लेकिन केवल दवा ही काफी नहीं है। खाने-पीने से लेकर लाइफस्टाइल से इसे काबू करना पड़ता है।

आमतौर पर वयस्कों का सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mm Hg होता है। यदि आपका ब्लड प्रेशर 120/80 mm Hg से अधिक रहता है, तो आपको हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी हो सकती है। वहीं यदि आपका ब्लड प्रेशर 120/80 mm Hg से कम है तो आप लो ब्लड प्रेशर की परेशानी से जूझ रहे हैं।
नियमित करना होगा ये काम
अगर आपको भी हाई बीपी और लो बीपी है, तो आप योग के आसन को करके अपने बीपी पर कंट्रोल कर सकते हैं। जी हां योग के कुछ ऐसे प्राणायाम और आसन है। जिनको करने मात्र से आप अपने हाई बीपी और लो बीपी से छुटकारा पा सकते हैं। जिसके लिए आपको नियमित योगाभ्यास करना होगा। इसके बाद आपको स्वयं ही लाभ देखने को मिलेगा। वैसे भी योग करने के कई लाभ भी हैं, यदि आप बीपी पर कंट्रोल कर ले, तो आपकी कई बीमारियां भी दूर हो सकती हैं।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल के लिए करें ये आसन
योगनिलयम अध्ययन संस्थान के अमितेश सिंह से ने कहा कि आजकल के समय में लोगों में हाई बीपी और लो बीपी अधिक बढ़ रहा है। हाई बीपी और लो बीपी को कंट्रोल करने के लिए कुछ योग के आसन और प्राणायाम है जिसमें बालासन, पश्चिमोतानासन, चंद्रभेदी प्राणायाम, शीतली प्राणायाम, सीत्कारी प्राणायाम इसके अतिरिक्त लो बीपी के लिए सूर्यनमस्कार, भ्रस्त्रिका, सूर्यभेदी प्राणायाम, कपालभाती करके अपने बीपी पर कंट्रोल का सकते हैं।
हाई बीपी में लाभ वाला है ये आसन
अमितेश सिंह से ने कहा कि हाई बीपी में लोगों की हार्ट दर काफी तेज हो जाती है, जिसे हम योग के जरिए योग से कंट्रोल कर सकते हैं। सबसे पहले बालासन करने के लिए आपको ब्रज आसन में बैठना होगा। सांस भरते हुए दोनों हाथों ऊपर फिर सांस छोड़ते हुए दोनों हाथ पैरों के पीछे माथा जमीन में रखते हुए बिल्कुल रिलैक्स मोड में आपको रहना है। दूसरा आसन है पश्चिमोतानासन करने के लिए अपने दोनों पैरों को सामने की ओर फैला लें दंडासन की स्थिति पर बैठ जाए। धीरे से दोनों हाथ ऊपर सांस भरते हुए और सांस छोड़ते हुए दोनों हाथ अपने पैरों के अंगूठे को आप पकड़ सकते हैं। यदि नहीं भी पकड़ पा रहे हैं , तो कोई परेशानी नहीं है। अपने सिर को ड्रॉप करें बस उसमें कुछ देर आराम करना है। इसके बाद है आप प्राणायाम भी कर सकते है जिसमें चंद्रभेदी प्राणायाम, शीतली प्राणायाम, सीत्कारी प्राणायाम करके आप अपने हाई बीपी को ठीक कर सकते हैं।
कैसे करें लो बीपी को कंट्रोल?
अमितेश सिंह से ने कहा कि जिनका बीपी लो है वह सूर्य नमस्ते कर सकते हैं, जो लो बीपी के लिए सबसे लाभ वाला होता है। दूसरा है भ्रस्त्रिका करने के लिए आप किसी भी धनात्मक आसन पर बैठ सकते हैं। उसके लिए बस आपको सांस भरनी भी है और सांस छोड़ने भी है। जिसे आप लगातार कर सकते हैं। तीसरा है सूर्यभेदी प्राणायाम आप अपने दाहिने नाक से सांस ले सकते हैं। बाए से आप इसमें सांस छोड़ सकते हैं इसमें आपको बाए नाक से सांस लेनी नहीं होती है। चौथा है कपालभाती इसमें आपको गहरी सांस लेते हुए अपने पेट को खाली करना है और धीरे-धीरे सांस को छोड़ते हुए जाना है।

