शरीर में टाइप 2 डायबिटीज को न्योता देता है मोटापा
नई दिल्ली . अमेरिकी वैज्ञानिकों ने फैट सेल्स के जरिए यह पता लगाया है कि मोटापा टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कैसे बढ़ाता है. सेल रिपोर्ट्स में प्रकाशित अध्ययन, टाइप 2 मधुमेह और अन्य पुरानी रोंगों के लिए नए उपचार विकसित करने में सहायता कर सकता है. यह शोध फैट स्टेम कोशिकाओं को नई, छोटी वसा कोशिकाओं में विकसित करने में सहायता करके काम करता है.

पहली बार, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय-लॉस एंजिल्स की टीम ने दिखाया कि मोटापा शरीर के लिए राइबोसोमल कारकों नामक प्रमुख सेलुलर बिल्डिंग ब्लॉक का उत्पादन करना कठिन बना सकता है.
पर्याप्त राइबोसोमल कारकों के बिना फैट स्टेम कोशिकाएं कार्यशील फैट सेल्स का उत्पादन नहीं कर सकती हैं. उनकी ऊर्जा फंस जाती है और वे आकार में बढ़ जाती हैं और मधुमेह के विकास में जरूरी किरदार निभाती हैं.
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय-लॉस एंजिल्स में इंटीग्रेटिव बायोलॉजी एंड फिजियोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डाक्टर क्लाउडियो विलान्यूवा ने कहा, ”फैट टिशू को अक्सर हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है, लेकिन वास्तव में यह हमारे शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में जरूरी किरदार निभाता है.”
विलानुएवा ने कहा कि मोटापे से ग्रस्त लोगों में बहुत अधिक ‘फैट टिशू होते है जो बेहतर ढंग से काम नहीं कर रहे होतेे.
वसा स्टेम कोशिकाएं हमारे शरीर में वसा कोशिकाओं को बनाने का काम करती है. लेकिन यदि इन कोशिकाओं को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, तो वे वसा कोशिकाओं को ठीक से नहीं बना पाती हैं.
फैट टिशू भोजन से ऊर्जा को स्टोर करते है. हालांकि जब यह ठीक से काम नहीं करता है तो अतिरिक्त ऊर्जा शरीर में कहीं और जमा हो जाती है जैसे कि लीवर में फैटी लीवर बीमारी या दिल में जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस या स्ट्रोक होता है.
इस अध्ययन में मोटे और शुगर से ग्रस्त चूहों को शामिल किया गया. इन चूहों की वसा कोशिकाएं दुबले चूहों की तुलना में चार से पांच गुना बड़ी थीं. टीम ने उन्हें रोसिग्लिटाजोन दिया.
परिणामों से पता चला कि उनके राइबोसोमल कारक सामान्य स्तर तक बढ़ गए, जिससे उनकी वसा स्टेम कोशिकाओं को नए, छोटे वसा कोशिकाओं का उत्पादन करने के लिए प्रेरित किया गया. इससे छोटी वसा कोशिकाएं बनने लगीं. इसके अलावा, इससे चूहों के वसा ऊतक ऊर्जा भंडारण में ठीक से काम करने में सक्षम हो गए. ये मेटाबॉलिज्म को विनियमित करने वाले प्रमुख हार्मोन भी उत्पन्न करते हैं.

