सिंगल लोगों में ज्यादा होता है डिप्रेशन का खतरा
Unmarried People: आज के समय में विवाह न करना एक चॉइस हो जाता है, स्त्रियों में भी इसकी संख्या में बढ़ोत्तरी देखा है कि वे विवाह नहीं करना चाहती बल्कि सिंगल रहना चाहती हैं। लेकिन सिंगल रहने क्या वाकई आदमी खुश रह सकता है? पूरी दुनिया में विवाह को लेकर कई रिसर्च सामने आ चुकी है। हाल ही में एक नयी स्टूडी सामने आई है, जिसमें पता चला है कि सिगल लोगों में डिप्रेशन का खतरा अधिक होता है। इस स्टडी में अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, चीन और इंडोनेशिया के लोग शामिल थे।

अकेला आदमी मानसिक रूप से परेशान होने लगता है
स्टडी में यह बात सामने आई कि 18 वर्ष की उम्र से अधिक के 80 फीसदी अविवाहित लोग तनाव या डिप्रेशन की परेशानी से पीड़ित हैं। जबकि विवाहित व्यक्तियों में यह फीसदी 40 से कम रहा। तलाकशुदा या अपने जीवनसाथी से अलग रहने वालों में भी कई तरह की मानसिक परेशानियां देखी गई है। इस स्टडी में शामिल एक्सपर्ट्स का मानना है कि अधिकतर विवाहित लोगों का एक सपोर्ट सिस्टम होता है। यही नहीं, आर्थिक तौर पर भी वे अधिक सिक्योर होते हैं।
मैरेड कपल की स्वास्थ्य होती है अधिक अच्छी
इस स्टडी में ये भी बाद पता चली कि हाई एजुकेटेड आदमी भी इमोशनल इंसिक्योरिटी के शिकार होते हैं। साइकोलॉजिस्ट डाक्टर बेल्ला डी पाउलो कहती हैं, यह माना जाता है कि मैरेड महिला और पुरुष एक-दूसरे के प्रति उत्तरदायी होते हैं। ऐसे में लाइफ की परेशानियों को एक साथ झेलते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय तक अनमैरेड कपल की स्वास्थ्य भी अनमैरेड कपल के मुकाबले बेहतर रहती है।केला आदमी एक समय के बाद अपने आप पर दया करने लगता है।

