स्वास्थ्य

Sleep Problem: इन बड़ी बीमारियों को न्योता देती है नींद न आने की समस्या

शरीर को हेल्दी और फिट रखने के लिए जितना महत्वपूर्ण अच्छी डाइट होती है, उतना ही महत्वपूर्ण नींद भी होती है. नींद मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की स्वास्थ्य को ठीक रखती है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है, तो उन लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं. नींद न आने की परेशानी होने के कई कारण हो सकते हैं. तनाव, मानसिक चिंताएं अक्सर दिमाग को इतना एक्टिव कर देती हैं कि आदमी आराम से सो नहीं पाता है.

Sleepiing disorder
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इसके अतिरिक्त सिगरेट, चाय, कॉफी और अन्य कैफीनयुक्त पदार्थों का अधिक सेवन करने वाले लोगों को भी नींद न आने की परेशानी हो सकती है. वहीं मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारियां और मानसिक बीमारी के शिकार लोगों को भी नींद न आने की परेशानी रहती है. ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि नींद न आने पर क्या परेशानी होती है और आप इसको कैसे नियंत्रित कर सकते हैं.
नींद न आने की समस्या
नींद न आने की परेशानी होने पर आदमी को सोने में कठिनाई होती है या फिर रात में बार-बार नींद टूटती रहती है. नींद की कमी का असर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती हैं. क्योंकि नींद पूरी न होने पर आदमी को डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, मानसिक विकार और अन्य क्रोनिक बीमारियां घेर सकती हैं.
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो मोबाइल या कंप्यूटर जैसे स्क्रीन्स का अधिक इस्तेमाल भी नींद की बढ़ती समस्याओं का मुख्य कारण है. क्योंकि इन डिवाइसों से ब्लू लाइट निकलती है, वहीं ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को रोकती है. हालांकि नींद न आने की परेशानी से बचने के लिए नीचे दिए गए कुछ तरीका कारगर हो सकते हैं.
फोन और स्क्रीन से दूरी बनाएं
सोने से 1-2 घंटे पहले फोन, कंप्यूटर या टीवी आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. क्योंकि इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों से ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को प्रभावित करती है. जिसके वजह से नींद आने में कठिनाई होती है. बता दें कि मेलाटोनिन एक प्राकृतिक हार्मोन है, जो हमारी नींद को कंट्रोल करता है. वहीं अनिद्रा के शिकार लोग चिकित्सक की राय पर इसका सप्लीमेंट ले सकते हैं. वहीं यदि किसी मानसिक विकार के कारण नींद न आने की परेशानी है, तो आप मनोचिकित्सक की भी राय ले सकते हैं.
निर्धारित करें सोने का समय
रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें. इससे हमारी बॉडी का बायोलॉजिकल क्लॉक नियमित होता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है. वहीं कमरे को नींद के अनुकूल बनाएं. शांत, अंधेरा और ठंडे कमरे में अच्छी नींद आती है. क्योंकि कमरे का माहौल आपके अनुकूल रहता है.
रोजाना करें व्यायाम
योग करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है. क्योंकि एक्सरसाइज करने से शरीर को थकावट महसूस होती है. ऐसे में सोने में सरलता होती है. हालांकि इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सोते समय एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह शारीरिक उत्तेजना को बढ़ा सकते हैं. सोने से पहले गहरी सांस लेने की तकनीक और मांसपेशियों को आराम देने वाली एक्सरसाइज करने से स्ट्रेस कम होता है और नींद में सुधार होता है.

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