सहजन की पत्तियों के सेवन से सदा के लिए दूर हो जाती हैं ये 6 बड़ी बीमारियां
Moringa Powder Benefits In Hindi: मोरिंगा, जिसे ड्रमस्टिक या शहजन भी बोला जाता है, किसी जादुई पेड़ से कम नहीं है। इसका इस्तेमाल हिंदुस्तान में सदियों से आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसके फूल, बीज, फल और जड़ सभी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन इसकी पत्तियों का सेवन सबसे अधिक स्वास्थ्य वर्धक माना जाता है।

NCBI की रिपोर्ट की मानें तो सहजन की पत्तियां विटामिन (ए, सी और ई) खनिज (कैल्शियम, पोटेशियम और आयरन) और जरूरी अमीनो एसिड सहित पोषक तत्वों का एक पावरहाउस हैं। मोरिंगा क्वेरसेटिन, क्लोरोजेनिक एसिड और बीटा-कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरा होता है। ऐसे में इसके सेवन से उम्र को कम करने वाली ये 6 बीमारियां आसपास नहीं फटकती है।
फैटी लिवर
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट केअनुसार मोरिंगा की पत्तियों के सेवन से नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर से बचा जा सकता है। इसमें उपस्थित पोषक तत्व लिवर के सूजन को कम करते हैं, साथ ही इसे डैमेज होने से बचाने में कारगर होते हैं।
ब्लड प्रेशर
मोरिंगा में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट क्वेरसेटिन ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायता करता है। साथ ही इसके पत्तों में पोटेशियम भी होता है, जो धमनियों में ब्लड के सर्कुलेशन को आसान बनाता है।
डायबिटीज
मोरिंगा के पत्तों में इंसुलिन की तरह एक पदार्थ उपस्थित होता है, जो बढ़े ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायता करता है। इसके अलावा, मोरिंगा में उपस्थित फाइबर भी ब्लड में शुगर के अवशोषण को धीमा कर देता है, जिससे डायबिटीज होने की आसार कम हो जाती है।
कोलेस्ट्रॉल
मोरिंगा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो खू में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के लेवल को कम करने में सहायता करते हैं। इससे ब्लॉकेज से स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है।
कब्ज
मोरिंगा के पत्तों में पाया जाने वाला फाइबर पाचन को सुधारने और कब्ज से राहत प्रदान करने में सहायता करता है। इसके अलावा, मोरिंगा में उपस्थित एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भी पाचन संबंधी समस्याओं से राहत मिल सकती है।
मोटापा
मोरिंगा में फाइबर और प्रोटीन होता है जो भूख को नियंत्रित करने में सहायता करता है। इसके अलावा, मोरिंगा में पाया जाने वाला क्लोरोफिल भी वजन कम करने में सहायक हो सकता है।

