आपको दंग करके रख देंगी गन्ने के रस से जुड़ी ये बातें
गर्मी का सीजन आते ही गन्ने के जूस का चलन तेजी से बढ़ जाता है। राजधानी भोपाल की सड़कों पर भी गन्ने के जूस की रेढ़ीया देखने को मिलने लगी है। लोकल 18 के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि एक्सपर्ट आपको कितनी मात्रा में गन्ने के रस का सेवन करने की राय देते हैं और कितनी मात्रा में गन्ने का रस शरीर के लिए लाभ वाला होता है।

मीडिया से बात करते हुए डाइटिशियन और एक्सपर्ट चिकित्सक रश्मि श्रीवास्तव ने कहा कि अनुशंसित आहार भत्ता (RDA) के अनुसार, आमतौर पर यह देखा जाता है कि लोग शौकिया तौर पर या फिर आदत बनाकर प्रतिदिन तीन-चार गिलास से अधिक गन्ने के रस का सेवन कर जाते हैं। ऐसे में यह उनके लिए कठिनाई का कारण भी बन सकता है। बता दें, गाने के रस में शर्करा का उच्च स्तर (High level of Sugar) देखने को मिलता है।
डॉ रश्मि ने कहा कि गन्ने के रस का सबसे अधिक असर मधुमेह के रोगियों पर पड़ सकता है। ऐसे में मधुमेह के रोगियों को करने के रस के अधिक सेवन से बचना चाहिए। साथ ही दिन भर में एक गिलास गन्ने के रस से अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में कई और विकल्प भी उपस्थित होते हैं, जिनका आप सेवन कर सकते हैं। गन्ने में एक अच्छी मात्रा में न्यूट्रीशन वैल्यू होती है। साथ ही शुगर की मात्रा भी सामान्य से अधिक होती है।
गन्ने के रस में समृद्धि मात्रा में कार्बोनेट पाया जाता है। साथ ही एक ढंग से यह शरीर में कम होने वाली ग्लूकोज की मात्रा को भी बढ़ाता है। गर्मी के दिनों में गन्ने का रस हमारे लिए हाइड्रेशन का काम, तो करता ही है। साथ ही बॉडी को डिहाइड्रेट होने से बचाने के साथ-साथ एनर्जी भी प्रदान करता है।
आम आदमी कितनी मात्रा में करें सेवन
डॉ रश्मि ने कहा कि यदि एक स्वस्थ आदमी भी गन्ने के रस का प्रतिदिन सेवन करता है, तो उसे दिन भर में गन्ने का रस एक से दो गिलास से अधिक नहीं पीना चाहिए। मलिक इसमें तापमान का भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाना महत्वपूर्ण है। यदि बहुत अधिक तापमान है, तो ऐसे में बिल्कुल ठंडा रस का सेवन नहीं करना चाहिए।
इसके अतिरिक्त ढेरों विकल्प
यदि कोई आदमी को गन्ने के रस का सेवन नहीं करना है, तो इसके बदले कई अन्य विकल्प भी उपस्थित हैं। इसमें नारियल पानी, नींबू पानी, शिकंजी, आम पना, जो का पानी और काला नमक का पानी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
गन्ने का रस पीने के फायदे
गन्ने का रस हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों और संक्रमणों को निकालने में सहायता करता है। साथ ही यह किडनी स्टोन के इलाज में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त गन्ने का रस पाचन रसों के स्राव को सुविधाजनक बनाता है और प्रणाली को ट्रैक पर रखने में सहायता करता है। इसमें पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, जो पेट में पीएच स्तर को संतुलित करता है।
अधिक सेवन से बचे
गन्ने का रस ताजगी देने वाला पेय है, लेकिन इसमें शुगर की मात्रा अधिक होने के कारण यह अत्यधिक कैलोरी और शुगर सेवन का कारण बन सकता है। साथ ही अध्ययनों से यह भी पता चला है कि अधिक मात्रा में सेवन करने से रक्त शर्करा (Blood sugar) के स्तर में भी वृद्धि होती है। इसके चलते मधुमेह, दिल समस्याएं, मेटाबोलिक विकार और दिल संबंधी रोंगों का खतरा बढ़ सकता है।

