शुगर के रोगियों के लिए बेहद कारगर है यह घरेलू नुस्खा
सहारनपुर: आजकल लोगों की दिनचर्या और खानपान बदलता जा रहा है, जिस कारण वे विभिन्न रोंगों से पीड़ित हो रहे हैं। इन्हीं में से एक है डायबिटीज जो एक गंभीर रोग है, जिसका कोई उपचार नहीं है। इसे कंट्रोल करने के लिए आमतौर पर दवाओं और ठीक खानपान की सहायता ली जाती है। यह एक ऐसी रोग है, जो किसी को भी अपना शिकार बना सकती है। हाल में युवाओं में भी डायबिटीज के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। पारंपरिक रूप से बुजुर्गों या वयस्कों को प्रभावित करने वाली टाइप 2 डायबिटीज अब किशोरों, युवाओं और यहां तक कि बच्चों को भी तेजी से अपना शिकार बना रही है।

देशी उपचार कर सकते हैं
डायबिटीज के रोगियों के लिए आज हम पुराना देसी नुस्खा लेकर आए हैं जिसको इस्तेमाल करने से बिना दवाइयों के ही वे अपनी शुगर को मेंटेन रख सकते हैं। इस बारे में अनवार अहमद बताते हैं कि डायबिटीज के रोगी शकरकंदी को दिन में 12:00 बजे से पहले खाएं और मात्र 150 ग्राम होनी चाहिए। फिर थोड़ी देर बाद अपना शुगर टेस्ट कराएं कि ये बढ़ता ही जा रहा है कम हो रहा है। उनका बोलना है कि इस देसी नुस्खे से आपको शुगर की दवाइयों से छुटकारा मिल जाएगा।
डायबिटीज से मिलेगा छुटकारा
अनवार अहमद ने लोकल 18 से बात करते हुए कहा कि कुछ लोगों में शकरकंद को लेकर एक अजीब सी हिचकिचाहट रहती है कि शकरकंद खाने से शुगर बढ़ जाती है लेकिन ऐसा नहीं है। लाल शकरकंदी खाने से शुगर लेवल में आ जाती है। यदि किसी भी आदमी को शुगर की रोग है और वह दवाइयों का इस्तेमाल कर रहा है और अपनी दिनचर्या को बदल खाने में यदि लाल शकरकंदी का इस्तेमाल करता है तो उसको दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दवाइयां हो जाएंगी कम
रोजाना 12:00 बजे से पहले डेढ़ सौ ग्राम लाल शकरकंदी को उबालकर उस पर नमक मिर्च या फिर नॉर्मल ही उसको खा सकते हैं। यदि उसकी शुगर बढ़ी है तो थोड़ी ही देर बाद नॉर्मल हो जाएगी। इस पुराने देसी नुस्खे का इस्तेमाल हमारे दादा-दादी, नाना-नानी किया करते थे लेकिन आज की पीढ़ी इस पुराने देसी नुस्खे को भूलती जा रही है और अंग्रेजी दवाइयों पर डिपेंड रहती है। हालांकि सेवन से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श कर सकते हैं।

