सिर्फ बारिश के मौसम में ही मिलता है यह कांटों के बीच उगने वाला चमत्कारी फल
Monsoon Food Tips: बारिश के मौसम में एक बहुत खास फल मिलता है। यह फल कांटों के झाड़ों पर उगता है। इसे जंगल का राजा भी कहते हैं। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में इन दिनों जंगल के राजा यानी कनकोड़े की मांग बढ़ती जा रही है। किसान युवराज नामदेव माली बताते हैं कि यह कनकोड़ा फल कांटों के झाड़ों पर उगता है, जमीन पर नहीं। इसे कोई उगाता नहीं है, यह स्वयं ही उगता है।

आगे बताया, यह फल सिर्फ़ डेढ़ महीने तक बाजार में मिलता है। अभी इसकी मूल्य 250 रुपए प्रति किलो तक है। इस फल को जंगल का राजा भी बोला जाता है। इसमें भरपूर प्रोटीन और फाइबर होता है, इसलिए लोग इसे खाना पसंद करते हैं। इस फल का वजन 30 से 40 ग्राम होता है। ऊपर से कांटेदार दिखता है, लेकिन अंदर से बहुत स्वादिष्ट होता है। यह फल सिर्फ़ बरसात में ही मिलता है।
जानने वाले स्वयं तोड़ते हैं…
किसान युवराज नामदेव माली ने बताया, यह कनकोड़ा फल कांटों के झाड़ों पर ही उगता है। यह खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है। यह फल सिर्फ़ एक से डेढ़ महीने तक ही मिलता है। बरसात के शुरुआती दौर में ही बाजार में बिकने के लिए आता है, जो लोग इसे जानते हैं, वे स्वयं कांटों के झाड़ों पर इसे तोड़ने के लिए पहुंच जाते हैं। क्योंकि, यह बाजार में 250 से ₹300 किलो तक बिकता है।
डॉक्टर भी इस फल को खाने की देते हैं सलाह
डॉ। गौरव थावानी ने बताया, कनकोड़ा एक ऐसा फल है, जिसमें भरपूर प्रोटीन होता है। यह बहुत शक्तिशाली फल है, इसलिए इसे सबसे अधिक खाना चाहिए। इसे सुबह के समय जितना खा सकते हैं, उतना खाएं, इससे कोई हानि नहीं होगा। यह आपके शरीर में कमजोरी को दूर करता है। ताकत बनाए रखता है।
कुदरती होता है इसका पौधा
जानकार बताते हैं कि यह पौधा कुदरती होता है, जो अपने आप ही कांटों के झाड़ों में उग जाता है। इस पर फल लगना प्रारम्भ हो जाते हैं। इसके एक फल का वजन 30 से 40 ग्राम होता है, जो दिखने में हरा और अंदर से सफेद होता है। यह फल सिर्फ़ बरसात में ही बाजार में बिकने के लिए आता है।

