यह औषधि तमाम गंभीर बीमारियों को जड़ से करता है खत्म
बलिया: धरती पर एक से बढ़कर एक औषधियां हैं, जो अनेक गंभीर रोंगों को जड़ से समाप्त करने में सफल सिद्ध होती हैं। एक स्वस्थ जीवन में यह औषधियां अपना अहम सहयोग देती है। औषधियां आज भी किसी संजीवनी से कम नहीं है। आज हम एक ऐसी ही औषधि के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जो किसी सुदर्शन चक्र से कम नहीं है।
इस औषधि का नाम ही सुदर्शन है और इसका काम भी इसके नाम जैसा ही है। किसी भी प्रकार का बुखार हो उसे जड़ से समाप्त करने में यह औषधि सुदर्शन चक्र का काम करती है। इसके अतिरिक्त इसका प्रयोग कान दर्द से लेकर अनेक जोड़ों के दर्द में भी किया जाता है। इस औषधि को ज्वरनाशक के नाम से भी जानते हैं। अनेक रोंगों को जड़ से समाप्त करने में आयुर्वेद पद्धति काफी सफल सिद्ध होती है। जिसके प्रति लोगों को सतर्क करने हेतु गवर्नमेंट भी पूरी तरह से प्रयासरत है।
नाम की तरह काम भी अनोखा
आयुर्वेद प्रो। डाक्टर एस।पी तिवारी का बोलना है कि यह एक बहुत ही जरूरी पौधा है। जिसको सुदर्शन के नाम से जानते हैं। यह औषधि किसी सुदर्शन चक्र से कम भी नहीं है। किसी भी प्रकार का ज्वार हो उसको जड़ से समाप्त कर देती है। इसका काढ़ा बनाकर या टैबलेट के रूप में डॉक्टर से परामर्श लेकर प्रयोग किया जाता है।
इस खास औषधि का महत्व
यह औषधि एक छोटे पौधे के रूप में होती है। इसके फूल भी काफी अच्छे होते हैं। जिनका रंग गुलाबी और सफेद होता है। यह औषधि अनेकों प्रकार के ज्वर में सुदर्शन चक्र की तरह काम करती है। यह पौधा बड़ी-बड़ी पत्तियों की तरह होते हैं। इसके डंठल नहीं होते हैं। इसकी पत्तियां स्वस्थ मानव जीवन में बड़ा ही जरूरी सहयोग रखती है। इसका प्रयोग ज्वर के साथ-साथ कान में दर्द, जोड़ों में दर्द, बवासीर, पेट के कीड़े तथा स्क्रीन से संबंधित अनेक रोंगों में किया जाता है।
ऐसे बनाएं इस औषधि को उपयोगी
सुदर्शन की पत्तियां काफी उपयोगी होती हैं। इसके पत्तियों को साफ सुथरे से धोकर के काढ़ा बनाया जाता है। जो उपर्युक्त अनेक रोंगों में सुदर्शन चक्र की तरह काम करती है। जो इसके काढ़े का प्रयोग नहीं करना चाहता है। वह इसके पत्तियों को टैबलेट के रूप में बनाकर प्रयोग कर सकता है। अनेक रोंगों में भिन्न-भिन्न प्रकार से इसका प्रयोग किया जाता है।
चिकित्सा के परामर्श से करें उपयोग
इस पौधे का सेवन मुनासिब मात्रा में और चिकित्सा के परामर्श के मुताबिक ही करना चाहिए। गवर्नमेंट भी आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा दे रही है। गवर्नमेंट के जरूरी कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह औषधि जिले के शंकरपुर मझौली में स्थित शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल परिसर में उपस्थित हैं। जो संबंधित रोंगों से ग्रसित रोगियों को नि:शुल्क रूप में वितरित किया जाता है।

