किडनी के लिए रामबाण दवा है ये साधारण घास
पुनर्नवा का पौधा कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। पुनर्नवा कई औषधीय गुणों वाला एक देसी पौधा है। इस पौधे की विशेषता ये है कि यह पौधा गर्मी के मौसम में सूख जाता है और बरसात के समय फिर से खिल उठता है इसी वजह से इसका नाम पुनर्नवा रखा गया है।आयुर्वेद में पुनर्नवा के पौधों का इस्तेमाल कई रोंगों का उपचार में किया जाता है। आयुर्वेद में पुनर्नवा का मतलब शरीर को ऊर्जावान बनाना होता है। इससे बने चूर्ण या काढ़े का सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। साथ ही यह पौधा पशुओं की पाचन क्रिया में सहायक होता है। आदिवासी इसे जवानी बढ़ाने वाली दवा के रूप में प्रयोग करते हैं। वहीं पुनर्नवा की ताजी जड़ों के रस का दूध के साथ रोज सेवन करने से वृद्ध आदमी भी युवा महसूस करते हैं।

हल्द्वानी के वरिष्ठ आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ़ विनय खुल्लर ने कहा कि पुनर्नवा का पौधा किडनी की रोग में बहुत कारगार होता है। किडनी की परेशानी से जूझ रहे अधिकांश रोगियों के लिए डायलिसिस ही जीवन का एक जरिया रह गया है। मगर पुनर्नवा किडनी से जुड़ी रोंगों के उपचार में संजीवनी का काम करता है। पुनर्नवा किडनी में क्रिएटिनिन, यूरिया और प्रोटीन को नियंत्रित करती है और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को निरोग करने के अतिरिक्त हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाती है।
हृदय बीमारी का खतरा होगा कम
डॉ़ विनय खुल्लर ने कहा कि हार्ट के लिए पुनर्नवा का सेवन लाभ वाला माना जाता है। दरअसल, पुनर्नवा में कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं, जो ह्रदय से जुड़ी कार्यप्रणाली को चलाने का काम करता है। इसके अतिरिक्त इससे बनने वाले काढ़े का सेवन करने से शरीर में रक्त और प्लाज्मा के संतुलन में सुधार करने का काम करता है। जिससे दिल बीमारी होने की संभावना कम होती है।
त्वचा संबंधी रोगों में कारगर इलाज
डॉ़ विनय खुल्लर ने कहा कि पुनर्नवा की जड़ों या पत्तियों का इस्तेमाल त्वचा संबंधित समस्याओं के लिए भी किया जाता है। इसकी जड़ से बने लेप को गर्म करके अल्सर एवं फोड़े-फुंसी जैसी जगहों पर लगाने से आराम मिलता है। साथ ही इसकी जड़ के ऑयल को गर्म करके त्वचा पर मालिश करने से सभी प्रकार के त्वचा संबंधी विकार ठीक होते हैं।
हार्ट की रोंगों के लिए रामबाण
डॉ़ विनय खुल्लर ने कहा कि पुनर्नवा में उपस्थित मैग्नीशियम की मात्रा ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफी मददगार साबित हो सकती है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के कारण आप हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक के जोखिम से बचे रह सकते हैं। इसलिए आपको इस पौधे का सेवन करना चाहिए।

