ये योगासन वजन घटाने और मेटाबॉलिज़्म सुधारने में करता है मदद
Weight Loss Yoga : आज की व्यस्त जीवनशैली में लोगों के पास जिम जाने या लंबी एक्सरसाइज करने का समय नहीं होता. ऐसे में योग एक ऐसा साधन है जो कम मेहनत और अधिक असर के साथ आपके शरीर और मन दोनों को फिट बना सकता है. खास बात यह है कि कुछ योगासन बैठे-बैठे ही किए जा सकते हैं, जो आपके वजन घटाने और मेटाबॉलिज़्म सुधारने में सहायता करते हैं.

बैठे बैठे योगासन करने से पाचन तंत्र और मेटाबॉलिज़्म मजबूत होता है. तनाव और चिंता कम होने के साथ ही शरीर को लचीला और सक्रिय बनाता है. साथ ही लंबी अवधि तक फिटनेस बनाए रखी जा सकती है. आइए जानते हैं बैठे-बैठे किए जाने वाले ऐसे कारगर योगासनों के बारे में जो पेट की चर्बी कम करते हैं और वजन नियंत्रित करके मोटापा घटाते हैं.
वज्रासन
यह आसन पाचन शक्ति और फैट बर्निंग में सहायता करता है. वज्रासन को भोजन के बाद करने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और फैट जमा होने से बचाता है. यह पेट और कमर की चर्बी घटाने में सहायक है. इसके अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठें, एड़ियों पर कूल्हे टिकाएं और रीढ़ सीधी रखें.
सुखासन ट्विस्ट
कमर और पेट की चर्बी कम करने के लिए सुखासन बेस्ट योगा है. इसमें बैठे-बैठे कमर को दाएं-बाएं मोड़ने से पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं. यह आसन कमर और पीठ की जकड़न दूर कर कैलोरी बर्न करने में सहायता करता है. अभ्यास से लिए सुखासन में बैठकर दाहिने हाथ को बाएं घुटने पर रखें और धीरे से शरीर मोड़ें.
पद्मासन ब्रीदिंग
मेटाबॉलिज़्म तेज करने में ये असरदार योग है. पद्मासन में बैठकर गहरी सांस लेने और छोड़ने से ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ती है. यह शरीर को शांत करता है और मेटाबॉलिज़्म को सक्रिय करता है जिससे वजन तेजी से घटता है. पद्मासन ब्रीदिंग के अभ्यास के लिए पद्मासन में बैठकर दोनों हथेलियां घुटनों पर रखें और लंबी गहरी सांसें लें.
मंडूकासन
ये आसन भी पेट की चर्बी पर असरदार है. मंडूकासन का अभ्यास पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. डायबिटीज और मोटापे से ग्रसित लोगों के लिए यह बहुत फायदेमंद है. इसको करने के लिए वज्रासन में बैठें, मुट्ठियां बनाकर नाभि पर दबाएं और आगे झुकें.
अर्ध मत्स्येन्द्रासन
इस आसन से शरीर में जमे विषैले तत्व निकलते हैं और मांसपेशियों में खिंचाव आता है. यह पेट, कमर और जांघों की चर्बी घटाने के लिए बहुत उपयोगी है. अभ्यास के लिए जमीन पर बैठकर एक पैर मोड़ें और दूसरे पैर को उसके ऊपर रखकर शरीर को उल्टा दिशा में मोड़ें.

