तेज बुखार होने पर फालतू बातें क्यों बोलने लगते हैं लोग, जानें कारण,…
Hallucination During Fever Causes: बुखार एक आम स्वास्थ्य परेशानी है। इस स्थिति में इंफेक्शन के कारण शरीर का टेंपरेचर नॉर्मल से अधिक हो जाता है। यह शरीर की डिफेंस सिस्टम का एक हिस्सा है, जो इंफेक्शन से लड़ने के लिए टेंपरेचर बढ़ाता है। लेकिन जब बुखार नॉर्मल रेंज से बढ़कर अधिक तेज हो जाता है, जैसे 103°F (39.4°C) या उससे भी ज्यादा। तो यह शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी अटैक करने लगता है। आपने अक्सर सुना होगा कि तेज बुखार आने पर आदमी बड़बड़ाने लगता है, अनप-शनाप बोने लगता है या फिर अजीब हरकतें करते हैं। ऐसा गंभीर स्थिति में होता है, जब हाई फीवर का असर ब्रेन तक पहुंच जाता है।

हाई फीवर का बॉडी पर क्या असर पड़ता है?
बॉडी का नॉर्मल टेंपरेचर लगभग 98.6°F (37°C) होता है। जब शरीर को वायरल, बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन होता है। तो इम्यून सिस्टम इसके रिस्पांस में बॉडी टेंपरेचर बढ़ा देती है, जिससे शरीर में वायरल या बैक्टीरिया का ग्रोथ रुक जाता है। फीवर शरीर में डिफेंस प्रोसेस की तरह काम करता है। लेकिन जब टेंपरेचर अधिक बढ़ जाता है, जैसे 104°F या उससे ज्यादा, तो शरीर की यह डिफेंस सिस्टम को हानि पहुंचाने लगती है। ऐसी स्थिति यह ब्रेन पर सीधा असर डालती है।
क्यों तेज बुखार में बड़बड़ाते हैं लोग?
तेज बुखार में दिमाग पर असर पड़ता है, जिससे लोग बड़बड़ाने लगते हैं। यह डिलीरियम नाम की स्थिति की वजह से भी हो सकता है। यह एक मेंटल कंडीशन है, जिसमें आदमी की सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ती है और वह अजीब व्यवहार करने लगता है। इस कंडीशन में आदमी बड़बड़ाने लगता है, उल-जुलूल बातें करता है, अजीब हरकरें करता है। कई बार वायरल इंफेक्शन के कारण बुखार के साथ दिमाग में सूजन हो जाता है। इस कंडीशन को एन्सेफलाइटिस बोला जाता है। इस स्थिति में भी आदमी की बड़बड़ाने, चिल्लाने या बेहोश होने जैसी स्थिति हो सकती है। अधिक टेंपरेचर ब्रेन पर भी कई बार असर डालती है। इस कारण भी आदमी अजीबो-गरीब हरकर करने लगता है।
कब चिकित्सक को दिखाना चाहिए?
अगर आदमी को तेज बुखार के साथ बार-बार बड़बड़ाना या अजीब हरकतें करना, कोई बात समझ में न आना, दौरे आना, 103°F से अधिक तापमान लगातार बने रहना, गर्दन में अकड़न, उल्टी जैसी परेशानी दिखाई देती है। तो ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। बुखार तेज होने पर ठंडी पट्टी, हल्के कपड़े और पंखे के इस्तेमाक से टेंपरेचर कम करने की प्रयास करनी चाहिए।

