फ्रिज के बजाय क्यों पीना चाहिए मटके का पानी…
Health Benefits of Earthen Pot Water: गर्मियों में चिलचिलाती धूप और पसीना से लोगों का बुरा हाल हो जाता है। इस मौसम में ठंडा पानी पीना बहुत अच्छा लगता है और इससे शरीर का हाइड्रेशन अच्छा रहता है। आमतौर पर लोग पानी ठंडा करने के लिए फ्रिज का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन गर्मियों में मटका का पानी स्वास्थ्य के लिए कमाल साबित हो सकता है। मटका में पानी न केवल ठंडा रहता है, बल्कि उसका स्वाद भी बढ़ जाता है। मटके का पानी पीने से कई रोंगों का खतरा कम हो सकता है और स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। आपको बताएंगे कि फ्रिज के बजाय मटके का पानी क्यों पीना चाहिए।

यूपी के हाथरस के प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डाक्टर सरोज गौतम ने News18 को बताया कि गर्मियों में मटके का पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभ वाला होता है। मटका मिट्टी से बना होता है और यह प्राकृतिक रूप से पानी को ठंडा करता है। इसमें पानी बहुत अधिक ठंडा नहीं होता है और उसका तापमान ठीक बना रहता है। मटके का पानी पीने से शरीर को ठंडक मिलती है, जिससे गर्मी में शरीर का तापमान संतुलित रहता है। इससे हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। मटके का पानी स्वादिष्ट होता है और इसे पीने से लोगों को मिट्टी की खूशबू का अहसास होता है।
डॉक्टर सरोज गौतम के मुताबिक आयुर्वेद में मटके का पानी पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माना गया है। गर्मियों में पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं और मटके का पानी इन परेशानियों से बचा जा सकता है। मटके का पानी मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। मटके का पानी पीने से पेट की स्वास्थ्य सुधर जाती है। इसके अतिरिक्त मटके की मिट्टी में उपस्थित प्राकृतिक तत्व पानी में धीरे-धीरे मिल जाते हैं। जब हम यह पानी पीते हैं तो यह शरीर को कई पोषक तत्व मिल जाते हैं। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर रोगों से लड़ने में सक्षम बनता है। इससे रोंगों का खतरा कम होता है।
एक्सपर्ट की मानें तो फ्रिज का अधिक ठंडा पानी पीने से गले में खराश, टॉन्सिल्स समेत कई परेशानियां हो सकती हैं। जबकि मटके का पानी हल्का ठंडा होता है और गले के लिए सुरक्षित होता है। यह त्वचा को भी भीतर से ठंडक देता है, जिससे त्वचा पर गर्मी के कारण होने वाले दाने और पसीने से भी राहत मिलती है। मटका एक इको-फ्रेंडली विकल्प है। इसे इस्तेमाल करने से न सिर्फ़ बिजली की बचत होती है, बल्कि प्लास्टिक की बोतलों की जरूरत भी कम हो जाती है। इससे पर्यावरण को लाभ मिलती है। मटका पूरी तरह से प्राकृतिक होता है और इसके इस्तेमाल से शरीर को किसी तरह का हानि नहीं होता है।

