आप भी यह खबर पढ़कर हो जाएं सावधान, स्किन कैंसर की चपेट में आए दिग्गज क्रिकेटर माइकल क्लार्क
Cancer Causes: स्किन कैंसर जिसमें हमारी त्वचा पर अनियंत्रित सेल्स की ग्रोथ होने लगती है. इसमें हमारे शरीर की हेल्दी बॉडी टिश्यू डैमेज होने लगती है, जिसके बाद धीरे-धीरे कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच जाता है. हाल ही में कद्दावर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी माइकल क्लार्क ने भी कैंसर पीड़ित होने का खुलासा किया है, जिसके बाद लोग इस रोग को गंभीरता से लेने लगे हैं. क्रिकेट खिलाड़ियों को लंबे समय तक ग्राउंड पर धूप के संपर्क में रहना पड़ता है और त्वचा में कैंसर होने की एक वजह सन डैमेज भी माना जाता है. इसलिए, चिकित्सक राय देते हैं कि सनस्क्रीन लगाना महत्वपूर्ण है. चलिए डॉक्टरों से जानते हैं इस रोग के बारे में विस्तार से.

स्किन कैंसर कितना कॉमन?
WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, स्किन कैंसर पूरे विश्व में फैला हुआ है. पहले ये साउथ ईस्ट एशिया के राष्ट्रों के लोगों को अधिक हुआ करता था, मगर अब हर किसी को होने लगा है. हालांकि, डब्ल्यूएचओ इस कैंसर को निदान किया जाने वाला कैंसर भी मानता है. वर्ष 2022 में इसके 15 लाख से अधिक नए मुकदमा सामने आए थे. इसमें पूरे विश्व में मेलेनोमा वाले कैंसर के अनुमानित 330,000 मुकदमा थे और लगभग इससे 60,000 लोगों की मौत हो गई थी.
माइकल क्लार्क को हुआ कैंसर
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी और कप्तान माइकल क्लार्क ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर जानकारी दी है कि उन्हें स्किन कैंसर हुआ है. उन्होंने कहा था कि वर्ष 2006 में उन्हें सबसे पहले कैंसर डिटेक्ट हुआ था जिसके बाद उन्होंने सर्जरी भी करवाई थी. हालांकि, इसके बाद भी वे उपचार करवा रहे थे. इस बार उन्हें नाक में कैंसर हुआ है, जिसकी जांच करवाई गई है.
स्किन कैंसर का धूप से क्या संबंध?
स्किन कैंसर एक्सपर्ट चिकित्सक विसेंट हंग की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट बताती हैं कि जो लोग धूप में बहुत अधिक रहते हैं, उन्हें स्किन कैंसर का खतरा होता है. मगर क्या केवल यही कारण है स्किन कैंसर का? नहीं स्किन कैंसर के प्रमुख कारण धूप हो सकता है लेकिन एकमात्र कारण नहीं. इसमें लाइफस्टाइल से लेकर कई अन्य कारण भी इसके उत्तरदायी होते हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
मैक्स हेल्थकेयर में ऑन्कोलॉजी विभाग के निदेशक डाक्टर कुमारदीप दत्ता चौधरी बताते हैं कि सूरज की किरणों से स्किन में टैनिंह हो सकती है. UVA और UVB किरणों से स्किन डैमेज होती है. ये नुकसानदायक किरणे एजिंग, स्किन पर लाल दाग और चकत्ते की परेशानी के साथ-साथ स्किन कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकता है. इसके अलावा, स्किन कैंसर के कई और भी कारण है जैसे कि आनुवंशिकी, बार-बार एक्स-रे करवाना या रसायनिक चीजों के संपर्क में आना.
स्किन कैंसर के संकेत
- स्किन पर पपड़ी और नए तिलों का उभरना.
- स्किन पर खुरदुरे धब्बे दिखना.
- त्वचा पर घाव होना और उनका शीघ्र न भरना.
- बड़े आकार और गहरे रंगों की झाईयां होना.
- स्किन में खुजली होना.
कहां-कहां होता हैं ये कैंसर?
गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल के कैंसर साइंस सैंटर की चेयरपर्सन चिकित्सक तेजिंदर कटारिया बताती हैं कि ये कैंसर शरीर के कई हिस्सों में हो सकता है जैसे कि सिर, होंठ, चेहरा, नाक और कान. इसके अलावा, हाथों, बाहों, पीठ के पिछले हिस्से और पैर में कैंसर हो सकता है.
कैसे होगा बचाव?
डॉक्टर कहते हैं कि स्किन कैंसर से बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है स्किन पर सनस्क्रीन लगाना. आपको SPF 50+++ वाला सनस्क्रीन लगाना चाहिए. बाहर धूप में निकले तो अपनी त्वचा को जरूर ढके. आंखों पर चशमा जरूर पहनें. हाइड्रेशन का ध्यान रखें और ठीक डाइट का पालन करें. धूम्रपान और शराब का सेवन कम से कम करें.

