आपको भी पता होना चाहिए वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन के बीच का ये फर्क…
Viral Fever Or Bacterial Infection: मौसम करवट बदल रहा है. ऐसे में लोगों को ठंड से थोड़ी राहत तो मिलनी प्रारम्भ हो गई है लेकिन ये परिवर्तन कई सारी रोंगों को अपने साथ लेकर आता है. सर्दी कम होने पर लोग एहतियात बरतना थोड़ा कम कर देते हैं, इसलिए शीघ्र बीमार पड़ने लगते हैं. बुखार होने पर लोग कई बार इस कंफ्यूजन में रहते हैं कि उनको वायरल हुआ है या फिर बैक्टीरियल इंफेक्शन. ऐसे में आइए जानते हैं कि वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन में अंतर कैसे करें?

वायरल बुखार कैसे फैलता है?
वायरल बुखार होने पर अमूमन एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता नहीं पड़ती है. वायरल फीवर तेजी से आपके संपर्क में आने वाले लोगों में फैलता है. वायरल के लिए ठंडे मौसम में अधिक होता है. कमजोर इम्यूनिटी वालों को ये शीघ्र अपनी गिरफ्त में लेता है.
वायरल बुखार क्या है?
वायरल बुखार थोड़े समय के लिए आता है. वायरल होने पर आपको जुकाम और खांसी हो सकती है. कई लोगों को ये परेशानी नहीं भी होती है. वायरल बुखार कई बार बिना किसी टेस्ट के अपने आप ठीक हो जाता है.
क्या वायरल बुखार घातक होता है?
हालांकि कुछ वायरल बुखार घातक भी हो सकते हैं. जिसमें स्वाइन फ्लू, कोविड और डेंगू शामिल होता है.
बैक्टीरियल इंफेक्शन क्या है?
वायरल बुखार की तुलना में बैक्टीरियल इंफेक्शन लंबे समय तक लोगों को परेशान करता है. बैक्टीरियल इंफेक्शन की जांच के लिए टेस्ट करवाना पड़ता है. इसको ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दी जाती हैं.
बैक्टीरियल इंफेक्शन के लक्षण
बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर गले में दर्द, चेस्ट पेन, पीलिया, पेशाब में जलन, पॉटी में खून आ सकता है.
बैक्टीरियल इंफेक्शन कैसे फैलता है?
वायरल बुखार की तुलना में बैक्टीरियल इंफेक्शन बहुत शीघ्र नहीं फैलता है. इसके फैलने की आसार काफी कम होती है. जांच के बाद खास एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता पड़ती है.
बैक्टीरियल इंफेक्शन कौन से होते हैं?
सामान्य बैक्टीरियल इंफेक्शन जैसे टॉंसिल्स, टाइफाइड बुखार, यूरिन इंफेक्शन यूटीआई जैसे इंफेक्शन शामिल हैं.ज्यादातर बैक्टीरियल इंफेक्शन खराब पानी पीने से, किसी खराब खाने से, किसी इंफेक्टेड से क्लोज टच में आने से या वैक्सीन न लगने से हो सकता है.

