अंतर्राष्ट्रीय

कतर और मिस्र कर रहे इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता


गाजा/बेरूत . लेबनान में इजरायली हमले में मंगलवार शाम को गुट के उप प्रमुख सालेह अल-अरौरी के मारे जाने के बाद हमास ने इजरायल के साथ युद्धविराम वार्ता पर रोक लगाने की घोषणा की है.Newsexpress24. Com download 11zon 2024 01 03t122033. 709

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एक फिलिस्तीनी सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर समाचार एजेंसी श‍िन्हुआ को बताया, “हमने कतर और मिस्र में भाइयों को वार्ता बंद होने की सूचना दे दी है.” कतर और मिस्र इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता कर रहे हैं.

सूत्र ने बोला कि इजरायल के साथ युद्ध में फंसे हमास ने फिलिस्तीनी नेताओं के विरुद्ध बढ़ती इजरायली आक्रामकता और “हत्या की योजनाओं” के बीच गाजा पट्टी में युद्धविराम तक पहुंचने की किसी भी वार्ता को खारिज कर दिया.

इससे पहले, हमास के एक सूत्र ने श‍िन्हुआ को कहा कि लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगर में हमास कार्यालय को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हमले में हमास पोलित ब्यूरो के उप प्रमुख अल-अरौरी के कई सहयोगी भी मारे गए.

एक बयान में, हमास ने पुष्टि की कि उसके सात सदस्य इजरायली हमले में मारे गए. उसने इसे “बर्बर और जघन्य” आतंकी कृत्य, लेबनान की संप्रभुता का उल्लंघन और फिलिस्तीन और उसके लोगों के विरुद्ध इजरायली हमले का विस्तार बताया.

लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह ने बोला कि यह लेबनानी लोगों, सुरक्षा और संप्रभुता पर एक गंभीर धावा था.

एक बयान में बोला गया, “यह क्राइम जवाबी कार्रवाई और सजा के बिना कभी समाप्त नहीं होगा.

घटना पर इज़राइल की ओर से तुरन्त कोई टिप्पणी नहीं आई, लेकिन इज़राइली मीडिया ने वरिष्ठ ऑफिसरों का हवाला देते हुए बोला कि राष्ट्र हमास या उसके ईरानी समर्थित सहयोगी हिजबुल्लाह की इजरायली शहरों पर जवाबी कार्रवाई के विरुद्ध हाई अलर्ट पर है.

आईडीएफ के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने संवाददाताओं से वार्ता के दौरान कहा, “आईडीएफ (इजरायल रक्षा बल) बहुत उच्च स्तर की तैयारी में है. हम किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार हैं.

ईरान ने मंगलवार को बेरूत में ड्रोन हमले में अल-अरौरी और हमास की सशस्त्र शाखा अल-कसम ब्रिगेड के दो कमांडरों की मर्डर करने के इजरायल के कदम की आलोचना की.

लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (एनएनए) के अनुसार, लेबनान के प्रधान मंत्री नजीब मिकाती ने भी मंगलवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुए इजरायली हमले की कड़ी आलोचना की.

मिकाती ने एक बयान में कहा, “यह धावा एक नया इजरायली क्राइम है, इसका उद्देश्य दक्षिण में प्रतिदिन चल रहे हमलों के बाद लेबनान को जरूरी रूप से विवाद के एक नए चरण में खींचना है.

57 वर्षीय अल-अरौरी को हमास के प्रमुख नेताओं में से एक माना जाता है, और वह वेस्ट बैंक में अल-कसम ब्रिगेड और उसके सेल के संस्थापक रहे हैं.

वह 18 वर्ष से अधिक समय तक इज़राइल में कैद रहे और 2010 में उनकी अंतिम रिहाई पर इजरायली ऑफिसरों ने उन्हें फिलिस्तीनी क्षेत्रों से निर्वासित कर दिया था. उसी वर्ष, उन्हें हमास पोलित ब्यूरो सदस्य के रूप में चुना गया था.

 

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