प्रधानमंत्री मोदी के लक्षद्वीप दौरे ने मालदीव की नई सरकार के लिए खड़ी कर दी कई मुश्किलें
माले: पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे ने मालदीव की नयी गवर्नमेंट के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पीएम मोदी द्वारा हिंदुस्तानियों से लक्षद्वीप जाने का आग्रह करने के बाद मालदीव के तीन मंत्रियों ने पीएम मोदी और हिंदुस्तान का अपमान करने वाले बयान दिए, जिसके बाद प्रारम्भ हुआ टकराव तीनों मंत्रियों के निष्कासन के बाद भी कम नहीं हुआ है। भारतीयों द्वारा मालदीव के बहिष्कार का अभियान प्रारम्भ करने के बाद अब भारतीय व्यापारियों द्वारा भी मालदीव का बहिष्कार करने की खबरों के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जो की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। मालदीव में हिंदुस्तान के विरुद्ध लगातार जहर उगल रहे राष्ट्रपति मुइज्जू के विरुद्ध विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है।

मालदीव में सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं को पीएम मोदी और हिंदुस्तान के विरुद्ध अपमानजनक बयान देना भारी पड़ गया है। भारतीयों द्वारा हिंदुस्तान और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान करने पर ‘बॉयकॉट मालदीव’ अभियान प्रारम्भ करने पर नाराज मालदीव गवर्नमेंट ने तीन मंत्रियों को तुरन्त असर से निष्कासित कर दिया। लेकिन अब मालदीव की नयी गवर्नमेंट खतरे में है। ‘बॉयकॉट मालदीव’ अभियान के बीच, मालदीव में विपक्षी नेता अब अपने नए राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज़ो के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, पीपुल्स नेशनल कांग्रेस पार्टी के नेता मोहम्मद मुइज्जू नवंबर 2023 में मालदीव में हिंदुस्तान विरोधी अभियान चलाकर राष्ट्रपति बने, जो हिंद महासागर से लाल सागर तक दुनिया के सबसे व्यस्त वाणिज्यिक समुद्री मार्ग में जरूरी जगह रखता है। दक्षिण एशिया में हिंदुस्तान के पड़ोसी राष्ट्र मालदीव में चीन समर्थक रवैया रखने वाले मोइज़ो ने राष्ट्रपति बनते ही हिंदुस्तान को आंखें दिखानी प्रारम्भ कर दीं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीएम मोदी ने लक्षद्वीप की यात्रा करने वाले हिंदुस्तानियों से लक्षद्वीप घूमने की अपील की है। पीएम मोदी की इस अपील को सत्ता पक्ष के नेताओं ने मालदीव विरोधी माना और हिंदुस्तान और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान करने वाली टिप्पणियां कीं। गुस्साए हिंदुस्तानियों ने ‘बॉयकॉट मालदीव’ अभियान प्रारम्भ कर दिया और महज तीन दिनों में हजारों होटल बुकिंग और उड़ानें रद्द कर दीं। इस प्रतिक्रिया से सदमे में आई हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने हिंदुस्तान और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान करने वाले तीन मंत्रियों को तुरन्त असर से निष्कासित कर दिया। हालाँकि, विपक्ष अब राष्ट्रपति मोइज़ो के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है।
डेमोक्रेट पार्टी के सांसद और पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने ‘एक्स’ पर लिखा, डेमोक्रेट में हम राष्ट्र की विदेश नीति की स्थिरता बनाए रखने और किसी भी पड़ोसी राष्ट्र को अलग-थलग करने से रोकने के लिए समर्पित हैं। क्या आप राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़ो को सत्ता से हटाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं? क्या मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तैयार है? एमडीपी के पूर्व अध्यक्ष इब्राहिम सोलिह को हिंदुस्तान समर्थक माना जाता है।
इस बीच मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी का बोलना है कि मौजूदा गवर्नमेंट में दूरदर्शिता की कमी है। हमारा राष्ट्र बहुत छोटा है। लेकिन हमारी संरक्षण संबंधी चिंताएं समान हैं। हम दोनों लोकतंत्र और मानवाधिकारों की एक ही विचारधारा साझा करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि हिंदुस्तान रक्षा क्षेत्र में क्षमता निर्माण कर रहा है और हमें और अधिक सक्षम बनाने के लिए उपकरण और कोशिश प्रदान कर रहा है। भारत के साथ हमारे सदियों पुराने संबंध हैं। आपदा के समय हिंदुस्तान हमेशा हमारे लिए 911 कॉल की तरह रहा है। जब भी हम बुलाते हैं, हिंदुस्तान हमारी सहायता के लिए उपस्थित रहता है।
दूसरी ओर, मालदीव की शीर्ष पर्यटन संस्था ने हिंदुस्तान और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान करने के लिए अपने ही मंत्रियों की निंदा की है। मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूरिज्म इंडस्ट्री (MATI) ने प्रस्तुत किया कि संगठन ने हिंदुस्तान के लोगों का अपमान करने वाले बयान देने के लिए हिंदुस्तान के प्रधान मंत्री के साथ-साथ मालदीव के कई उप मंत्रियों की कड़ी निंदा की। भारत मालदीव के पर्यटन उद्योग में जरूरी सहयोग दे रहा है। कोरोना महामारी के बाद हिंदुस्तान ने हमारी सबसे अधिक सहायता की है।
भारत और मालदीव के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले हिंदुस्तान आने की परंपरा को तोड़ते हुए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज़ो एक हफ्ते की चीन यात्रा पर दक्षिणी चीनी बंदरगाह शहर पहुंचे हैं। भारत के बहिष्कार मालदीव अभियान के मद्देनजर, मोइज़ो ने चीन से मालदीव में अधिक पर्यटक भेजने का आग्रह किया है।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज़ौ और उनका प्रतिनिधिमंडल इस समय चीन की एक हफ्ते की यात्रा पर हैं। इस यात्रा में वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम ली कियांग से मुलाकात करेंगे। दोनों राष्ट्र बुनियादी ढांचे से लेकर पर्यटन तक के क्षेत्रों पर सहमत होंगे। ‘इंडिया आउट’ अभियान के बाद, नवंबर 2023 में राष्ट्रपति बने मोहम्मद मोइज़ौ ने दक्षिणी चीनी बंदरगाह शहर फ़ुज़ियान प्रांत में ‘इन्वेस्ट मालदीव’ फोरम में चीनी निवेशकों के साथ वार्ता की। इसके साथ ही राष्ट्रपति मोइज़ोउ और उनके प्रतिनिधिमंडल ने चीन से अपने पर्यटकों को मालदीव भेजने का निवेदन किया। मोइझू ने आगे चीन को अपना सबसे करीबी सहयोगी और साझेदार राष्ट्र बताया।
भारत से टकराव के बीच आसार है कि मालदीव के राष्ट्रपति मोइज्जू इसी महीने हिंदुस्तान का दौरा करेंगे। मालदीव गवर्नमेंट पहले ही जनवरी में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जौ की हिंदुस्तान यात्रा का प्रस्ताव कर चुकी है। नवंबर 2021 में राष्ट्रपति बनने के बाद मोहम्मद मुइज्जू ने तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की है और वर्तमान में चीन की यात्रा पर हैं। हालाँकि, उन्होंने मालदीव के पूर्व राष्ट्रपतियों के सबसे पहले हिंदुस्तान आने की परंपरा को तोड़ दिया है। वहीं नयी गवर्नमेंट के मंत्रियों की ओर से दावा किया गया है कि मुइज्जू गवर्नमेंट का यह दौरा नवंबर में ही प्रस्तावित था। इसका मौजूदा टकराव से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, कुछ सूत्रों का बोलना है कि इस दौरे के लिए मालदीव की ओर से पहले केवल मौखिक वार्ता हुई थी।
मालदीव के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बाद अब हिंदुस्तान ने लक्षद्वीप को विकसित करने के लिए विस्तृत योजना बनाई है। सरकार मिनिकॉय द्वीप समूह पर एक नया हवाई अड्डा बनाएगी। यह हवाईअड्डा वाणिज्यिक विमानों के अतिरिक्त लड़ाकू विमानों को भी संभालने में सक्षम होगा।
मालदीव की तरह लक्षद्वीप के द्वीप भी हिंद महासागर और अरब सागर के व्यापारिक समुद्री मार्गों में विशेष महत्व रखते हैं। अब तक, गवर्नमेंट अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की नज़र के लिए मालदीव पर निर्भर रही है। लेकिन अब हिंदुस्तान ने लक्षद्वीप के द्वीपों पर एयरपोर्ट बनाने की तैयारी कर ली है। यह हवाई क्षेत्र वाणिज्यिक विमानों के अतिरिक्त लड़ाकू जेट और सेना विमानों को संचालित करने में सक्षम होगा। सैन्य दृष्टि से भी इसका काफी महत्व है। इससे अरब सागर और हिंद महासागर पर भी नजर रखना सरल हो जाएगा।
पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे और मालदीव के बहिष्कार के अभियान के बाद भारतीय पर्यटक दक्षिण हिंदुस्तान के द्वीपों की ओर आकर्षित हुए हैं। भारतीय तटरक्षक बल लक्षद्वीप और मिनिकॉय समूहों के विकास का प्रस्ताव देने वाला पहला आदमी था। इस तरह हिंदुस्तान एक तरफ अरब सागर और हिंद महासागर पर नजर रखेगा तो दूसरी तरफ लक्षद्वीप को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से केंद्र शासित प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

