अंतर्राष्ट्रीय
आखिर किस दुख से जूझ रहे हैं बच्चे को गले लगाने के बाद फूट फूट कर रोने वाले किम जोंग…
उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन के बारे में बोला जाता है कि ये शासक के भेष में तानाशाह हैं. इनकी क्रूर नीतियां और निर्दलीय फैसलों से पूरी दुनिया वाकिफ है. यहां तक की छोटी छोटी बातों में वो लोगों को जान से मारने का आदेश दे देते हैं. लेकिन अब उसी तानाशाह की ऐसी फोटोज़ सामने आई हैं जिन पर विश्वास करना कठिन है. किम जोंग की आंखों में आंसू निकले और वो घुटनों पर आ गए. फिर फूट फूट कर रोने लगे. आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक तानाशाह का लोहे जैसा दिल मोम की तरह पिघल गया. आपको किम जोंग उन के रोने के पीछे की असल कहानी के बारे में बताते हैं. जमीन पर बैठकर बच्चे को गले लगाने के बाद फूट फूट कर रोने वाले किम जोंग कि फोटोज़ देखकर हर कोई दंग रह गया है.
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जो शासक हमेशा हंसता है. उसकी आंखों में आंसू निकले तो वो सुर्खियां बन गई. दरअसल, किम जोंग प्यूइंग यांग में एक सरकारी कार्यक्रम में रोने लगे. ये कार्यक्रम उस सैनिकों के सम्मान में रखा गया था जो यूक्रेन के विरुद्ध रूस की ओर से लड़ते हुए मारे गए. साथ ही सैनिकों के परिवारों को गले लगाकर उन्हें ढांढस भी बढ़ाया. इस कार्यक्रम में मारे गए सैनिकों की फोटोज़ लगाई गई थी. किम इन तस्वीरों के सामने झुके और सैनिकों की तस्वीरों पर मैडल रखा. इस दौरान उन्होंने युद्ध से लौटे सैनिकों को भी सम्मानिक किया. किम जोंग ने सैनिकों को नायक के रूप में सम्मान दिया. जब किम सैनिकों को सम्मानिक कर रहे थे. मारे गए सैनिकों को हीरो का दर्जा दे रहे थे. तब सैनिकों के परिवार वाले अपने आंसू नहीं रोक पाए. ये देख किम भी रोने लगे. उन्होंने मृत सैनिकों के बच्चों को गले लगाया और प्यार से उनके माथे को भी चूमा.
इस कार्यक्रम में किम जोंग उन ने बोला कि जब मैं इस वास्तविकता का सामना करता हूं तो मेरा दिल दुखता है और दुखी होता है कि मैं सिर्फ़ स्मारक दीवार पर लगी तस्वीरों के माध्यम से ही उन महान शख़्सियतों से मिल पाया. जिन्होंने महान विजय और गौरव के लिए अपने बहुमूल्य जीवन का बलिदान दिया. जब मैं शहीद सैनिकों के शोक संतप्त परिवारों के सामने खड़ा हूँ, तो मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं अपने अनमोल बेटों की रक्षा न कर पाने के लिए खेद और क्षमा कैसे व्यक्त करूँ. उत्तर कोरिया द्वारा जारी की गई तस्वीरों के अनुसार, यह कार्यक्रम भी भावुक था, जहाँ किम शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मिले, जो रोते हुए और दीवार पर लगी सैनिकों की तस्वीरों को श्रद्धांजलि देते हुए दिखाई दिए. कई तस्वीरों में किम रोते हुए बच्चों और सैनिकों को गले लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं.
पिछले वर्ष किम और रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई हाई-प्रोफाइल बैठकों के बाद, उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के विरुद्ध रूस के युद्ध में सहायता के लिए बड़ी संख्या में सैनिक और उपकरण भेजने प्रारम्भ कर दिए थे, जिससे एक एकांतप्रिय और निरंकुश एशियाई शक्ति यूरोपीय युद्ध के केंद्र में आ गई. रूस और उत्तर कोरिया, दोनों ने आरंभ में किसी भी तैनाती की पुष्टि करने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में सार्वजनिक रूप से प्योंगयांग की सेनाओं की भागीदारी को स्वीकार किया. किम और उनकी गवर्नमेंट उन रिपोर्टों पर खामोशी साधे हुए हैं कि कुर्स्क में लड़ने के लिए भेजे गए उत्तर कोरियाई सैनिकों को भारी हानि हुआ है – जिससे इस हफ़्ते का कार्यक्रम इस बात की एक दुर्लभ स्वीकारोक्ति बन गया है कि इसका कितना विध्वंसक असर पड़ा है.