अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों पर की बमबारी
America Attack Iran Nuclear Sites: इजरायल और ईरान के बीच जंग में अमेरिका भी कूद पड़ा है. अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाते हुए बमबारी की है. ईरान पर अमेरिका की ओर से किए गए हमलों को लेकर पूरे विश्व से प्रतिक्रिया देखने को मिली है. इसी क्रम में चीन ने भी ईरानी परमाणु स्थलों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. चीन से पहले पाकिस्तान, सऊदी अरब, क्यूबा और चिली जैसे राष्ट्र भी अमेरिका के इस कदम की निंदा कर चुके हैं.

इस बात के लिए तैयार है चीन
चीन की तरफ से बोला गया है कि अमेरिका की ओर से ईरान पर किया गया धावा संयुक्त देश चार्टर और तरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का उल्लंघन है. चीनी विदेश मंत्रालय ने चार वाक्यों के बयान में परमाणु सुविधाओं पर हमलों की निंदा की और दोहराया कि वह शांति बहाल करने के प्रयासों में शामिल होने के लिए तैयार है.
चीनी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “अमेरिका का यह कदम संयुक्त देश चार्टर और तरराष्ट्रीय कानून के उद्देश्यों और सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन करता है और मध्य पूर्व में तनाव को बढ़ाता है. चीन संघर्ष में शामिल सभी पक्षों, खासकर इजरायल से जल्द से जल्द संघर्ष विराम करने का आह्वान करता है.“
ग्लोबल टाइम्स ने क्या कहा?
अमेरिकी हमलों के बाद चीन की ओर से यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है. इससे पहले, चीन के सरकारी प्रसारक की विदेशी भाषा शाखा ने अमेरिकी कदम को “बेहद घातक मोड़” कहा था. चीनी सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भी इस पर अपनी राय दी और बोला कि अमेरिकी कदम “ईरान-इजरायल संघर्ष को एक अनियंत्रित स्थिति की ओर ले जा सकता है.“
जानें उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया
उत्तर कोरिया ने भी अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए इसे ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा हितों का गंभीर उल्लंघन कहा है. उत्तर कोरिया ने बोला है कि वह ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा करता है. उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में बोला कि अमेरिका और इजरायल सैन्य बल प्रयोग से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा रहे हैं.

